भाजपा-शिवसेना के बीच सीट बंटवारे की घोषणा फड़णवीस और उद्धव करेंगे: पाटिल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 24, 2019

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिये भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम समझौते की घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और उद्धव ठाकरे करेंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह सीट बंटवारा मुद्दे पर वह भविष्य में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। राज्य में 21 अक्टूबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए एक परस्पर सहमति वाले सीट बंटवारा फार्मूला तक पहुंचने के वास्ते भाजपा और शिवसेना के शीर्ष नेता गहन चर्चा कर रहे हैं। इस घटनाक्रम के मद्देनजर पाटिल का यह बयान आया है। पाटिल ने यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘गठबंधन पर बातचीत आखिरी चरण में है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और (शिवसेना प्रमुख) उद्धव ठाकरे बातचीत को निष्कर्ष तक ले जा रहे हैं। वे इस पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी चर्चा कर रहे हैं। इसलिए मैंने इस मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करने का फैसला किया है।’’ हालांकि, उन्होंने भाजपा और शिवसेना के बीच हुई संभवत: एक गलतफहमी के बारे में पूछे गये सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। दरअसल, इस गलतफहमी की वजह से संभावित गठबंधन पर फड़णवीस और उद्धव के पूर्व घोषित मंगलवार के संवाददाता सम्मेलन को रद्द कर दिया गया।उल्लेखनीय है कि सोमवार को भाजपा नेताओं ने मीडियाकर्मियों को गठबंधन की मंगलवार को घोषणा किये जाने के कार्यक्रम के बारे में बताया था। हालांकि, रात में यह बात सामने आई कि ऐसी किसी घोषणा का कार्यक्रम नहीं है। इस गलतफहमी के बारे में एक सवाल के जवाब में पाटिल ने कहा, ‘‘ मैं बस इतना कह सकता हूं कि गठबंधन की घोषणा शीघ्र की जाएगी।’’  इस बीच, शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि यदि भाजपा अपने वादे का सम्मान नहीं कर सकती तो उसे आत्मावलोकन करने की जरूरत है।

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उन्होंने कहा कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा के साथ सीट बंटवारा फार्मूला पर फैसला हो गया था। पाटिल ने महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष के नेता नारायण राणे और उनके दो बेटों के भाजपा में शामिल होने के विषय पर कहा कि सीट बंटवारा समझौते पर फड़णवीस और उद्धव के सहमत होने के बाद इस बारे (राणे के भाजपा में शामिल होने के बारे में) में फैसले को अंतिम रूप दिया जाएगा।राणे एक पूर्व शिवसैनिक हैं। उन्होंने 1990 के दशक के आखिरी बरसों में पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गये थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी और खुद की पार्टी बना ली। 

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