Punjab-Haryana Border पर डटे हुए हैं प्रदर्शनकारी, सरकार से किसान नेताओं की बातचीत रही बेनतीजा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 16, 2024

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान संघों और केन्द्रीय मंत्रियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बृहस्पतिवार देर रात बेनतीजा रही और अब दोनों पक्षों के बीच अगली दौर की बैठक रविवार को होगी।

इस बीच किसानों ने पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर डटे रहने का निर्णय किया है। किसान नेताओं और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच बृहस्पतिवार रात करीब 8:45 बजे बैठक शुरू हुई और पांच घंटे तक जारी रही लेकिन इसमें दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बनी।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार और किसान नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई और सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अब बैठक रविवार शाम छह बजे होगी।

मुंडा ने कहा ,‘‘ हम साथ बैठ कर कोई हल निकाल लेंगे।’’ केन्द्रीय मंत्री मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित किसान संघों की विभिन्न मांगों पर जारी बातचीत में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान मेंबृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल हुए। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने ही अपनी मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के वास्ते ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया है।

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी और कर्ज माफी सहित उनकी मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। पंधेर ने कहा, “उन्होंने (केंद्रीय मंत्रियों ने) कहा कि उन्हें समय चाहिए।” क्या किसान पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर डटे रहेंगे, इस सवाल पर पंधेर ने कहा, “हां”।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

हमले बर्दाश्त नहीं...ईरान पर हुआ अटैक तो अमेरिका-इजरायल पर भयंकर भड़का पाकिस्तान

Team Player नहीं बने तो खैर नहीं! Punjab कांग्रेस नेताओं पर बरसे Rahul Gandhi, दी बड़ी चेतावनी

Tamil Nadu Politics: DMK की हारी हुई सीटों पर Congress का दांव, क्या Seat Sharing पर बनेगी बात?

क्या है 132 साल पुराना विवाद? क्यों पाकिस्तान को मिटाने पर तुला है तालिबान