Farmers Protest: 29 को केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे किसान, पूरे पंजाब में पुतले फूंकने की तैयारी

By अभिनय आकाश | Dec 24, 2025

किसान मजदूर मोर्चा भारत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) में मोदी सरकार द्वारा किए गए हालिया विधायी परिवर्तनों की कड़ी आलोचना की है। उनका आरोप है कि नई नीतियों का उद्देश्य देशभर में एमजीएनआरईजीए श्रमिकों को रोजगार से वंचित करना है। मोर्चा का तर्क है कि डीडीपीओ कार्यालयों और पंचायतों से कार्यान्वयन शक्तियां छीनकर केंद्र सरकार कार्य अनुमोदन पर अपना नियंत्रण केंद्रीकृत कर रही है। इस बदलाव का विरोध करने के लिए वे इस महीने के अंत से शुरू होने वाले जिला स्तरीय प्रदर्शनों की एक श्रृंखला आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।

मोर्चा ने यह भी दावा किया कि एमजीएनआरईजीए के तहत अनुमत कार्यों की कई श्रेणियों में कटौती की जा रही है। अकेले पंजाब में ही लगभग 11-12 लाख जॉब कार्ड हैं, जबकि पूरे भारत में लगभग 12 करोड़ श्रमिक अपनी आजीविका के लिए एमजीएनआरईजीए पर निर्भर हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि इन श्रमिकों को बेरोजगारी की ओर धकेलकर केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को सस्ता श्रम उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

इसे भी पढ़ें: किसान मजदूर मोर्चा का 5 दिसंबर को 'रेल रोको' आंदोलन, बिजली बिल 2025 के खिलाफ बड़ा विरोध

इन नीतियों के विरोध में, किसान मजदूर मोर्चा भारत ने घोषणा की है कि वह 29 दिसंबर को पंजाब के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर मोदी सरकार का पुतला जलाएगा।

मोर्चा ने मांग की कि एमजीएनआरईजीए को उसके पूर्व स्वरूप में बहाल और लागू किया जाए। इसने गारंटीकृत कार्य को बढ़ाकर 200 दिन प्रति वर्ष करने और दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 700 रुपये करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, संगठन ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि ये कानून देशभर में श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं।

मोर्चा ने यह कहते हुए अपना भाषण समाप्त किया कि श्रमिकों और मजदूरों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

इसे भी पढ़ें: पंजाब में किसान क‍िसानों का 'रेल रोको' आंदोलन, बिजली संशोधन विधेयक 2025 पर विरोध

इससे पहले, तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेन्नई में विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में डीएमके और उसके सहयोगियों के नेताओं ने भाग लिया, जिन्होंने इस कदम को एमजीएनआरईजीए से महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने का प्रयास बताया।

प्रमुख खबरें

Apple यूजर्स सावधान! iPhone में पुराना सॉफ्टवेयर बना सकता है हैकिंग की वजह

Maharashtra में 33% वोटरों के नाम हटने की याचिका पर सुनवाई, Supreme Court ने ECI से पूछा सवाल

OnePlus N6 Lite लॉन्च! ₹16,999 में 7000mAh बैटरी, 3 दिन तक चलेगा फोन?

युवा सरकारी नौकरी के बजाय Entrepreneurship और स्किल पर दें ध्यान: आनंदीबेन पटेल