By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 09, 2026
श्रीनगर, आठ अगस्त नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्र से जम्मू-कश्मीर के साथ अपने संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक गारंटी पर आधारित होना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना इस दिशा में पहला और जरूरी कदम होना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के लोग इससे कम कुछ भी पाने के हकदार नहीं हैं।’’ अब्दुल्ला ने नौ अगस्त, 1953 की घटनाओं को, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की असंवैधानिक गिरफ्तारी और पद से हटाए जाने को जम्मू-कश्मीर के इतिहास का काला दिन बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि एक कार्यरत प्रधानमंत्री की अवैध और असंवैधानिक गिरफ्तारी ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की सामूहिक चेतना पर गहरा और स्थायी घाव छोड़ा। अब्दुल्ला ने दावा किया, ‘‘1953 के राजनीतिक तख्तापलट ने जम्मू-कश्मीर को दिए गए लोकतांत्रिक और संवैधानिक आश्वासनों पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया और श्रीनगर तथा नयी दिल्ली के बीच गहरे अविश्वास की नींव रख दी।
वह घाव आज भी नहीं भरा है।