Pulwama Attack में हुई Amazon की एंट्री, FATF Report से आतंकवाद का डिजिटल चेहरा सामने आया

By नीरज कुमार दुबे | Jul 09, 2025

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की हालिया रिपोर्ट ने आतंकवाद के वित्तपोषण और तकनीकी संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा किया है। हम आपको बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार, 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आत्मघाती हमले के लिए उपयोग किए गए विस्फोटक सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेज़न से खरीदा गया था। यह जानकारी न केवल आतंकियों की डिजिटल पहुंच और नेटवर्किंग को उजागर करती है, बल्कि वैश्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान पर बरस पड़े LG Manoj Sinha, बताया आतंकवादी देश, बोले- हम उसके मंसूबों को नहीं होने देंगे कामयाब

हम आपको याद दिला दें कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुआ आत्मघाती हमला भारतीय इतिहास के सबसे दर्दनाक आतंकवादी हमलों में से एक था। इस हमले में 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। हमलावर आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से लदी कार को सीआरपीएफ के बस से टकरा दिया था। तब से अब तक इस हमले की जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है, लेकिन एफएटीएफ की यह रिपोर्ट आतंकवाद के पीछे की जटिल डिजिटल परतों को सामने लाती है।

एफएटीएफ की रिपोर्ट वैश्विक कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि उनके प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग आतंकवाद के लिए किया जा सकता है। अमेज़न जैसी कंपनियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर होने वाले ट्रांज़ेक्शन्स की स्क्रीनिंग और निगरानी और भी सख्त हो। इसके लिए उन्हें न केवल खरीददारों की पहचान की जांच करनी चाहिए, बल्कि संदिग्ध उत्पादों की बिक्री पर भी निगरानी रखनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री या उसके घटक आसानी से उपलब्ध न हो सकें।

हम आपको बता दें कि भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थक रुख की ओर ध्यान आकर्षित करता रहा है। अब जब एफएटीएफ जैसी संस्था ने यह साफ किया है कि आतंकवादियों ने वैश्विक ई-कॉमर्स का उपयोग किया है, भारत को अब अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मंचों से अधिक जवाबदेही की मांग करनी चाहिए। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि आतंकवाद से लड़ाई अब केवल सीमा पार कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह साइबर और डिजिटल सुरक्षा का भी विषय बन चुकी है।

बहरहाल, एफएटीएफ की रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद लगातार अपने रूप और साधन बदल रहा है। पुलवामा हमले में अमेज़न से विस्फोटक सामग्री मंगवाया जाना इस बात का प्रतीक है कि डिजिटल युग में आतंकवाद एक नई दिशा ले चुका है। इसलिए, केवल सैन्य और खुफिया उपाय ही नहीं, बल्कि डिजिटल निगरानी, कानूनी बदलाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी आवश्यक हो गया है। सरकारों, तकनीकी कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल माध्यम आतंक का हथियार न बनने पाए।

प्रमुख खबरें

El Clásico में Barcelona का दबदबा, Real Madrid को 2-0 से रौंदकर जीता La Liga खिताब

India में Grandmaster बनना क्यों हुआ इतना महंगा? Chess के लिए लाखों का कर्ज, बिक रहे घर-बार

Britain की पहली Sikh Rugby Player का नया दांव, अब Sumo रिंग में इतिहास रचने को तैयार

Global Tension के बीच SBI का दावा, पटरी से नहीं उतरेगी Indian Economy की रफ़्तार