By अनन्या मिश्रा | Aug 29, 2026
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग दिन के 8 से 10 घंटे कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करते हैं। फिर चाहे वर्क फ्रॉम होम हो या ऑफिस से काम करना हो। लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठे रहने से कंधे, गर्दन, पीठ और कमर में दर्द की समस्या होना आम बात है। वहीं लगातार बैठने से शरीर का लचीलापन कम होने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और जल्दी थकान महसूस होने लगती है। इससे धीरे-धीरे यह आदत खराब पोस्चर, मोटापा और मांसपेशियों की जकड़न की समस्याओं की वजह बन सकती है।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आराम से सीधे बैठ जाएं या फिर खड़े हो जाएं।
अब धीरे-धीरे गर्दन को दाएं ओर झुकाएं और फिर 10 से 15 सेकेंड तक रोकें।
फिर बाएं ओर से यह प्रोसेस दोहराएं। इसके बाद गर्दन को आगे और पीछे हल्के से झुकाएं।
इस आसन के अभ्यास से गर्दन की मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है।
इस आसन से लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली जकड़न की समस्या से राहत मिलती है।
इस आसन का 1 मिनट अभ्यास करें।
इस दौरान कंधों को धीरे-धीरे आगे और पीछे की ओर गोल घुमाएं।
अब दोनों हाथों को ऊपर उठाकर अच्छे से स्ट्रेच करें और गहरी सांस लें।
फिर आराम से अपने हाथों को नीचे की ओर लाएं।
इस आसन का अभ्यास करने से कंधों का तनाव कम होता है।
ऊपरी बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने में मदद करता है।
मार्जरी आसन के अभ्यास के लिए एक मिनट का समय दे सकते हैं।
इसके लिए कुर्सी पर एकदम सीधे बैठें।
सांस लेते हुए छाती को आगे निकालें और फिर पीठ को हल्का सा मोड़ें।
सांस को छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और अपनी ठुड्डी को नीचे की ओर लाएं।
इस प्रोसेस को कम से कम 8 से 10 बार दोहराएं।
यह स्ट्रेच रीढ़ की लचक को बनाए रखने में मददगार है।
यह आसन लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न को कम करता है।
सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट को 1 मिनट का समय दें।
कुर्सी पर बैठकर शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे दाएं ओर घुमाएं और कु्र्सी के पीछे का सहारा लें।
अब 15 से 20 सेकेंड तक रुकें और दूसरी ओर से सेम प्रोसेस दोहराएं।
इसकी प्रैक्टिस से रीढ़ की गतिशीलता बढ़ाने में मदद करता है।
पीठ और कमर के तनाव को कम करने में मदद करता है।