By अनन्या मिश्रा | Jul 16, 2026
क्या सुबह उठते ही जमीन पर कदम रखना आपको भयंकर दर्द देता है। तलवों में जलन, बार-बार ऐंठन, एड़ी में दर्द, झुनझुनी की समस्या बनी रहती है। यह सिर्फ थकान के संकेत नहीं हैं, बल्कि पैरों और एड़ियों में होने वाला दर्द शरीर में गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है। डॉक्टर की मानें, तो हमारा शरीर लगातार हमसे बात करता है, बस हमें शरीर की भाषा समझने की जरूरत होती है।
एड़ियों या पिंडलियों में लगातार दर्द या फिर असहजता बनी रहती है, तो यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है।
शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण के लिए विटामिन डी जरूरी है। जिससे मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत रहती हैं।
विटामिन डी की कमी होने से पैरों और टांगों की मांसपेशियों में बार-बार दर्द, कमजोरी, सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई और हड्डियों में गहरा दर्द हो सकता है।
इसकी गंभीर कमी होने से मांसपेशियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
विटामिन B 12 की नसों की सेहत और रेड ब्लड सेल्स के निर्माण के लिए जरूरी होता है। शरीर में इसकी कमी को पैरों की समस्याओं से पहचाना जा सकता है।
विटामिन B 12 की कमी होने पर नसें प्रभावित होती हैं।
इससे पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी, जलन या सुई चुभने जैसा एहसास हो सकता है।
वहीं बुजुर्गों, शाकाहारी लोगों और पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों में इसकी कमी का अधिक जोखिम रहता है।
अगर थोड़ी दूर चलने के बाद ही आपको गंभीर थकान हो जाती है, तो शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है।
शरीर में आयरन की कमी होने से पैरों में भारीपन, कमजोरी और थकान की समस्या हो सकती है।
आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या हो सकती है। जिससे शरीर के ऊतकों तक कम ऑक्सीजन पहुंचती है।
कुछ लोगों में आयरन की कमी से रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का जोखिम बढ़ जाता है। लेकिन हर रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की वजह आयरन की कमी नहीं होती है।
मांसपेशियों और नसों के सामान्य कार्य के लिए मैग्नीशियम जरूरी खनिज है। शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर रात में बार-बार क्रैम्प्स, कमजोरी और पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो सकती है।
शरीर में मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सामान्य कार्य के लिए पोटैशियम जरूरी इलेक्ट्रोलाइट है। पोटैशियम की कमी होने पर पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, थकान और कई बार चलने में परेशानी महसूस हो सकती है।
अगर पैरों में लगातार दर्द, झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी और बार-बार ऐंठन बनी रहे तो समय रहते डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए।