By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 16, 2026
विश्व कप के एक वीडियो समीक्षा रेफरी ने कहा कि श्वेत वर्चस्ववादी चिन्ह से मिलता-जुलता उनका हाथ का इशारा बिना किसी पूर्व योजना के नहीं बल्कि अचानक हुआ और विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा की समिति ने भी कहा कि इस ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी ने खेल के अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। इस तरह का इशारा करने के कारण रेफरी शॉन इवांस को टूर्नामेंट से हटाने की मांग की जा रही है।
मैं केवल यही स्पष्टीकरण दे सकता हूं कि वह हरकत अनैच्छिक, अवचेतन में हुई थी और मुझे उस समय इसका अहसास नहीं था। मैच के दौरान ली गई तस्वीरों से पता चला कि मैंने अपनी उंगलियों के बीच पेन पकड़े हुए इस हरकत को कई बार दोहराया था।’ अंगूठे और तर्जनी को एक वृत्त में मिलाकर और अन्य उंगलियों को फैलाकर किए जाने वाले इस इशारे को 2019 में न्यूयॉर्क स्थित एक संस्था ने भेदभाव का प्रतीक घोषित किया था। फीफा ने हालांकि इस अधिकारी को क्लीन चिट दे दी है।
फीफा की स्वतंत्र अनुशासनात्मक समिति ने बयान में कहा, ‘‘वीडियो सहायक रेफरी शॉन इवांस से जुड़े मामले की जांच करने के बाद उसे फीफा अनुशासनात्मक संहिता के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं मिला है।