By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 16, 2022
नयी दिल्ली। पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने मंगलवार को भारतीय फुटबाल पर प्रतिबंध लगाने के फीफा के फैसले को ‘बेहद कड़ा’ करार दिया, लेकिन वह इसे देश में इस खेल को व्यवस्थित करने के मौके के रूप में भी देख रहे हैं। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संचालन संस्था फीफा ने मंगलवार को तीसरे पक्ष द्वारा गैर जरूरी दखल का हवाला देकर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को निलंबित कर दिया और उससे 11 से 30 अक्टूबर के बीच होने वाले अंडर-17 महिला विश्व कप के मेजबानी अधिकार छीन लिए।
पूर्व खिलाड़ी मेहताब हुसैन ने इस फैसले के लिए देश में फुटबॉल का संचालन कर रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराया। मेहताब ने कहा, ‘‘ इसके लिए पूर्व अधिकारी और प्रशासकों की समिति (सीओए) दोनों ही जिम्मेदार हैं। जब फीफा ने अधिकारियों को जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश दे दिए थे तो फिर वे किसका इंतजार कर रहे थे। हमने समय गंवाया और अब उसकी सजा भुगत रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ पूर्व अधिकारियों और सीओए में से किसी को नुकसान नहीं होगा। यह खिलाड़ियों और प्रशंसकों का नुकसान है। यह भारतीय फुटबॉल के लिए करारा झटका है।