By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 10, 2022
भुवनेश्वर। फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप की सबसे कमजोर टीमों में से एक भारत मंगलवार को यहां जब अमेरिका के अपना अभियान शुरू करेगी तो उसकी कोशिश इस मजबूत टीम को कड़ी टक्कर देने की होगी। भारत ने मेजबान के रूप में आयु वर्ग के इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है।
अमेरिका उत्तरी एवं मध्य अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र (कोनकाकैफ) के विजेता के तौर पर इस टूर्नामेंट में पहुंचा है और टीम जीत के साथ आगाज करना चाहेगी। उसे पूरी तरह पता है कि भारत के खिलाफ कोताही बरतने का उसे खामियाजा भुगतना पड़ सकता है क्योंकि ग्रुप में ब्राजील भी है। चारों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल खेलेंगी लिहाजा हर मैच काफी महत्वपूर्ण है।
भारतीय टीम ने टूर्नामेंट से पहले इटली, नॉर्वे और स्पेन का दौरा किया है। हालांकि उसने यूरोप और दक्षिण अमेरिका की मजबूत टीमों के खिलाफ नहीं खेला है। डेनेरबी ने कहा कि अमेरिका का पलड़ा भारी होगा लेकिन कागजों पर। फुटबॉल 90 से 95 मिनट तक खेला जाता है और हम अमेरिका को हरा सकते हैं। हमने फरवरी से काफी पक्की तैयारी की है और हम इस टूर्नामेंट के लिये पूरी तरह से तैयार हैं। दिन के अन्य मैचों में मोरक्को का सामना ब्राजील से जबकि चिली का न्यूजीलैंड से होगा। वहीं जर्मन टीम ग्रुप बी में नाइजीरिया से खेलेगी।