By रेनू तिवारी | Jul 15, 2026
स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और आत्मविश्वास से भरे प्रदर्शन के आगे किलियन एम्बाप्पे की अगुआई वाली फ्रांस की स्टार आक्रमण पंक्ति पूरी तरह बेअसर साबित हुई। 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर एक बार फिर फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है। स्पेन की इस खिताबी जंग का गवाह रविवार को न्यू जर्सी का ईस्ट रदरफोर्ड बनेगा, जहां उसका मुकाबला गत चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते ने कहा, ‘‘मेरे खिलाड़ियों ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम का सामना किया और शानदार प्रदर्शन किया।’’ स्पेन को 22वें मिनट में बढ़त मिली, जब यामाल के शानदार मूव पर फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिन्ये ने फाउल कर दिया। इस पेनाल्टी को ओयारजाबाल ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 58वें मिनट में पोरो ने दानी ओल्मो के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए दूसरा गोल दागकर जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। अपने 19वें जन्मदिन के एक दिन बाद खेल रहे यामाल ने बाद में एक गोल भी किया, लेकिन करीबी ऑफसाइड के कारण उसे नकार दिया गया। टीम को हालांकि शुरुआती बढ़त दिलाने में उनकी सूझबूझ भरी खेल शैली निर्णायक साबित हुई। स्पेन अब रविवार को होने वाले फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच बुधवार को खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगा। फाइनल न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेला जाएगा।
स्पेन के मिडफील्डर रोड्री ने कहा, ‘‘यहां तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन हमारा लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। हम विश्व कप जीतना चाहते हैं।’’ लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का सपना देख रही फ्रांस की टीम अब शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में तीसरे स्थान के मुकाबले में खेलेगी। फ्रांस के विदाई ले रहे कोच दिदिएर डेसचैम्प्स ने कहा, ‘‘स्पेन ने बेहतरीन रक्षात्मक खेल दिखाया। उन्होंने हमारे खिलाड़ियों को मौका नहीं बनाने दिया। हमने भी कई तकनीकी गलतियां कीं। ऐसे में अवसर बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।’’ स्पेन ने लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस को हराया है। इससे पहले 2024 यूरोपीय चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी, जबकि पिछले वर्ष नेशंस लीग में 5-4 से फ्रांस को हराया था। एम्बाप्पे ने मैच के बाद स्वीकार किया कि स्पेन ने गेंद पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा।
उन्होंने कहा, ‘‘स्पेन गेंद और खेल की गति दोनों नियंत्रित करना पसंद करता है और हमने उन्हें ऐसा करने दिया। जब आप उनकी लय नहीं तोड़ पाते तो उनके खिलाफ खेलना बेहद कठिन हो जाता है।’’ ग्रुप चरण में केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद स्पेन ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीमों के खिलाफ 12 गोल किए और केवल एक गोल खाया। गोलकीपर उनाई सिमोन का लगातार 650 मिनट तक बिना गोल खाए खेलने का रिकॉर्ड बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में टूटा था। मार्च 2024 से स्पेन नियमित समय में लगातार 37 मैचों (28 जीत, 9 ड्रॉ) से अजेय है। इस दौरान टीम ने 2007-09 के 35 मैचों के अपने पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
दूसरी ओर, फ्रांस की लगातार छह विश्व कप जीत का सिलसिला टूट गया। इससे पहले उसने 2018 और 2022 विश्व कप में भी लगातार छह मुकाबले जीते थे। ओयारजाबाल का 22वें मिनट में किया गया पेनाल्टी गोल इस टूर्नामेंट में उनका पांचवां गोल रहा। यह पहली बार था जब इस विश्व कप में स्पेन या फ्रांस किसी मुकाबले में पिछड़ने की स्थिति में पहुंचे। स्पेन के लिए यह ओयारजाबाल का 60 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 30वां गोल भी था। स्पेन ने पहले हाफ में दो और अच्छे अवसर बनाए, लेकिन फ्रांस के गोलकीपर माइक मैन्यां और डिफेंडर दायो उपामेकानो ने उन्हें नाकाम कर दिया। एम्बाप्पे पूरे मैच में तीन शॉट लगाने के बावजूद एक भी प्रयास लक्ष्य पर नहीं रख सके।
हालांकि तीसरे स्थान के मुकाबले में उनके पास गोल की संख्या बढ़ाने का अवसर रहेगा। फिलहाल वे विश्व कप में सर्वाधिक आठ गोल के साथ अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी की बराबरी पर हैं और गोल करने में मदद के आधार पर गोल्डन बूट की दौड़ में आगे हैं। मेस्सी के पास अभी दो मुकाबले बाकी हैं और वे विश्व कप में अपने कुल 21 गोल के रिकॉर्ड को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे। एम्बाप्पे ने टीम के खिताबी दौड़ से बाहर होने के बाद कहा, ‘‘कप्तान होने के नाते पूरी जिम्मेदारी मेरी है और मैं उससे पीछे नहीं हटता। हमारा लक्ष्य फाइनल में पहुंचना था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके।