By Ankit Jaiswal | Oct 20, 2026
मुंबई हवाई अड्डे पर आने वाले समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर जगह की कमी को देखते हुए संचालक ने विमानन कंपनियों से कहा है कि 2027 की गर्मियों के उड़ान कार्यक्रम से हर साल करीब 50 लाख यात्रियों के बराबर क्षमता कम करनी होगी। इसके लिए कंपनियों को अपने अंतरराष्ट्रीय विमानों के संचालन में बदलाव करने के विकल्प दिए गए हैं।
कंपनी ने यह भी भरोसा दिया है कि मुंबई हवाई अड्डे पर विमानन कंपनियों को पहले से मिले उड़ान समय यानी स्लॉट बरकरार रहेंगे। टर्मिनल 1 के दोबारा निर्माण का काम पूरा होने के बाद 2030 में इन स्लॉट को फिर से बहाल कर दिया जाएगा। एमआईएएल के मुताबिक, कंपनियों से बातचीत करने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि फैसले को एकतरफा कार्रवाई के रूप में न देखा जाए।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर हवाई अड्डा संचालक और विमानन कंपनियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। टर्मिनल 1 के चरणबद्ध पुनर्निर्माण के दौरान वहां से प्रभावित होने वाले घरेलू यात्रियों को जगह देने के लिए टर्मिनल 2 की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। विमानन कंपनियों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि उनकी मंजूरी के बिना पहले से आवंटित उड़ान समय में कटौती या उन्हें रद्द नहीं किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने शनिवार को एमआईएएल को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई हवाई अड्डे पर ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। कमेटी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की मई 2013 में जारी उड़ान समय आवंटन संबंधी गाइडलाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ के नियमों का पालन करने की मांग की है। साथ ही, उसने प्रस्तावित बदलावों के समर्थन में क्षमता से जुड़े आकलन, संचालन के आंकड़े और टर्मिनल 1 के पुनर्निर्माण की पूरी योजना भी मांगी है। इसमें इमारत की सुरक्षा जांच, काम के अलग-अलग चरण और उन्हें पूरा करने की समय-सीमा शामिल है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, विवाद 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब एमआईएएल ने 25 अक्टूबर से मुंबई हवाई अड्डे की हर सप्ताह की 770 अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान उड़ानों में से 265 स्लॉट कम करने का प्रस्ताव रखा था। इसका मकसद टर्मिनल 1 से प्रभावित होने वाले करीब 50 लाख घरेलू यात्रियों के लिए टर्मिनल 2 पर जगह बनाना है।