By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026
भारतीय तैराक हिमांशु नंदल और निरंजन मुकुंदन ने एशियाई पैरा खेलों में अपने अपने वर्ग में मंगलवार को कांस्य पदक जीते। रोहतक के 22 वर्ष के नंदल ने पांच मिनट 10 . 91 सेकंड का समय निकालकर पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। निरंजन ने पुरूषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा में दो मिनट 57 . 01 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता।
इसमें कम कद वाले लोग या ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके अंग नहीं हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से स्नातक हिमांशु ने जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद 2021 में तैराकी शुरू की। वह 2024 में पेरिस पैरालम्पिक में न्यूनतम क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करने वाले भारत के पहले नेत्रहीन तैराक बने थे।
वह पुरूषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस11 वर्ग में चौथे स्थान पर रहे थे। एस11 श्रेणी लगभग पूरी तरह से दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिये है। रवि कार्तिक बुदिगिना पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहे।
जहांगीर मिला आठवें और आखिरी स्थान पर रहे। एस 13 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें दृष्टि संबंधी दोष है, लेकिन पैरालंपिक खेलों में शामिल होने के योग्य एथलीटों में से इनकी दृष्टि हानि सबसे कम होती है। अब्दुल कादिर इंदौरी पुरूषों की 50 मीटर बटरफ्लाइ एस5 स्पर्ध में सातवें स्थान पर रहे।