7 नवंबर को साइन होगी तबाही की फाइल! ट्रंप के प्लान ने उड़ाए होश

By अभिनय आकाश | Nov 03, 2026

अमेरिका के दक्षिणपंथी पत्रकार और कभी ट्रंप के कट्टर समर्थक रहे चकर कार्लसन बता रहे हैं कि अमेरिका ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु संयंत्रों पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। ओ इस खबर ने एक बार फिर से दुनिया में अशांति का डर पैदा कर दिया। इसमें कोई दो राय नहीं है कि अमेरिका में मिड टर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका लगने वाला है। तो क्या चुनावों में हार को पलटने और नैतन्याहू की कुर्सी को बचाए रखने के लिए ट्रंप परमाणु हमले जैसा विनाशकारी फैसला लेंगे? कहा यही जा रहा है कि अमेरिका में मिड टर्म चुनाव के बाद ट्रंप उस फाइल पर साइन कर सकते हैं जो ईरान के परमाणु संयंत्रों को बर्बाद कर देगा। जिससे ईरान सदियों तक बर्बादी से उबर नहीं पाएगा। ट्रंप के करीबी भी इस आशंका से इंकार नहीं कर रहे। नेतन्याहू को भी ऐसे पागलपन की सख्त जरूरत है जिससे वो अगले कुछ महीने या कुछ साल सत्ता पर बने रह सके। सवाल है कि ट्रंप और नेतन्याहू की सनक और पागलपन का खामियाजा भुगतेगा कौन? 

इसे भी पढ़ें: Trump के अच्छे या बुरे दिन आने वाले हैं? भारत से कितना अलग है अमेरिका का मिडटर्म चुनाव, नतीजों के बाद क्या-क्या बदलने वाला है


टकर कालसन का दावा है कि नेतयाहू ट्रंप को लगभग रोज फोन करते हैं जो ईरान में मौजूद अंडरग्राउंड ठिकाने पर हमले का दबाव डाल रहे हैं। ट्रंप अभी हिचकिचा रहे हैं। लेकिन 7 नवंबर तक फैसला ले सकते हैं। क्योंकि पीट हेक्सेट और ब्रेड क्रू पर नए हमलों के समर्थन में है। जबकि उपराष्ट्रपति जे वेंस और स्टीव विटकॉफ समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। दावा है कि ट्रंप कुछ ही दिनों में ईरान पर परमाणु हमले का फैसला ले सकते हैं। और सवाल यह कि इन खबरों को चुनाव की वजह से प्लांट करवाया जा रहा है या फिर सच में ईरान पर परमाणु विस्फोट वाली तबाही का खतरा मंडरा रहा है। क्योंकि दावा यह किया जा रहा है कि नेतयाहू अमेरिका के मिड टर्म चुनाव यानी कि आज होने वाले चुनाव के तुरंत बाद ईरान पर हमला करने का दबाव बना रहे हैं। जबकि ट्रंप फिलहाल बातचीत को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। जिससे नेतन्याहू की चिंता बढ़ गई।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका में वोटिंग डे, मिड टर्म चुनाव में बड़ा उलटफेर! ट्रंप का क्या होगा?


नेतन्याहू की इजराइल में वापसी होती दिखाई नहीं दे रही। चुनावी परिणामों के बाद साफ है कि नेतयाहू को सत्ता में वापसी का मौका मिलता नहीं दिख रहा क्योंकि अमेरिका पर नेतयाहू हमला करने का दबाव इसीलिए बना रहे हैं ताकि उनको कुछ और दिन सत्ता में रहने का मौका मिल जाए। बहुत ही शातिर पॉलिटिकल खिलाड़ी हैं और मेरा मानना है कि वो कोई भी कोशिश करेंगे ताकि किसी भी तरह से पावर में रह सके क्योंकि यह वर्डिक्ट इस तरह का है कि कोई पार्टी को आसान नहीं है और फिर देखिएगा कि उसमें जो एक ग्रे ज़ोन वारफेयर होता है एक तरह का नैरेटिव है कि अरब पार्टीज के साथ मिलकर के कर रहे हैं।

प्रमुख खबरें

Strait of Hormuz में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, ईरानी मिसाइल ठिकानों पर किए हमले

विपक्षी हुंकार शक्ति-प्रदर्शन नहीं, जनकल्याण का कारण बने

इन 55 हजार मौंतों की आशंका पर चर्चा तक नहीं

जौ में मौजूद Beta-Glucan फाइबर घटाएगा LDL Cholesterol, दिल और पाचन रहेगा दुरुस्त