By अंकित सिंह | Dec 01, 2025
संसद के निचले सदन ने सोमवार को मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार एवं पारित करने के लिए विचार किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस विधेयक को सदन में विचार एवं पारित करने के लिए पेश किया। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बार-बार नारेबाजी के बीच सदन में कहा कि केंद्र सरकार ने 2017 के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा अधिनियम, विशेष रूप से वित्त अधिनियम 2025 की धारा 121 से 134 में संशोधन किया। इसे संसद द्वारा पारित किया गया और 2024 में अधिनियमित किया गया।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के अनुसार, मणिपुर माल और सेवा कर अधिनियम, 2017, केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत पारित किया गया था ताकि मणिपुर राज्य द्वारा वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की राज्य के भीतर आपूर्ति पर कर लगाने और संग्रह करने तथा उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए प्रावधान किया जा सके। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के प्रावधानों को वित्त अधिनियम, 2025 की धारा 121 से 134 के माध्यम से संशोधित किया गया था और 56वीं जीएसटी परिषद के निर्णय के अनुसार, उक्त केंद्रीय अधिनियम के प्रतिकूल होने से बचने के लिए, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में भी इसी प्रकार के संशोधन शीघ्रातिशीघ्र किए जाने की आवश्यकता थी।
चूंकि संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति द्वारा जारी की गई घोषणा 13 फरवरी, 2025 से मणिपुर राज्य में लागू है और चूंकि संसद सत्र में नहीं थी और ऐसी परिस्थितियां मौजूद थीं, जिनके कारण केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अनुरूप मणिपुर माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 को जारी रखने के लिए तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक हो गया था, इसलिए राष्ट्रपति ने अक्टूबर, 2025 को मणिपुर माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2025 को प्रख्यापित किया।