By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 11, 2026
वित्त मंत्रालय अगले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के 17-18 अगस्त को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।
ये समूह सफल कार्यप्रणालियों की पहचान करेंगे और ऐसे उपाय तैयार करेंगे, जिन्हें पूरी बैंकिंग व्यवस्था में लागू किया जा सके। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जमा राशि जुटाने से जुड़े सत्र में सस्ते ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों के संसाधन आधार को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं, निवेश चक्र को समर्थन देने से जुड़ी चर्चा में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन को आसान बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा।
सम्मेलन में वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए बेहतर परिवेश विकसित करने और कृषि एवं बागवानी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। इसमें फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने और बाजार से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने के उपाय शामिल होंगे। इसके अलावा, बैठक में ग्रामीण मूल्य श्रृंखला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, वंचित वर्गों तक ऋण पहुंचाने के लिए प्राथमिक क्षेत्र कर्ज व्यवस्था को बेहतर बनाने और युवाओं की जरूरतों के अनुरूप बैंकिंग उत्पाद तैयार करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन में करीब 125 प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और कार्यकारी निदेशक शामिल होंगे। इन संस्थानों में नाबार्ड, निर्यात-आयात बैंक, सिडबी, एनएचबी, आईआईएफसीएल, आईएफसीआई और राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक (नैबफिड) जैसे संस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा भारतीय बैंक संघ और वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।