न्यायालय ने कोविड बीमा योजना में निजी डॉक्टरों को शामिल नहीं करने के विवाद का हल निकालने को कहा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 13, 2021

नयी दिल्ली| उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र से कहा कि निजी क्लीनिकों, स्वास्थ्य केंद्रों और गैर-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कोविड-19 से लड़ते हुए अपनी जान गंवा चुके डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को 50 लाख रुपये वाली बीमा योजना में शामिल नहीं करने से संबंधित विवाद का निपटारा किया जाए।

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पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि यह ऐसा मुद्दा है, जो अनेक स्वास्थ्य कर्मियों से जुड़ा है और इसका तेजी से निपटारा होना चाहिए।

पीठ ने कहा, ‘‘पहले एक महिला थी जिनके पति, जो डॉक्टर थे, उनकी अपने क्लीनिक में रोगियों का इलाज करते हुए कोविड से मृत्यु हो गयी। बाद में स्वास्थ्य कर्मियों के अनेक संगठन अदालत में आये और उन्होंने योजना में शामिल नहीं किये जाने के खिलाफ याचिकाएं दाखिल कीं।

आपको इसे देखना चाहिए। हम इस मामले में तीन सप्ताह बाद सुनवाई करेंगे।’’ मेहता ने पीठ को आश्वासन दिया कि वह मामले को देखेंगे और इसे सुलझाने का प्रयास करेंगे।

शीर्ष अदालत ने 19 अक्टूबर को याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया था और उससे स्पष्ट करने को कहा था कि महामारी से जान गंवाने वाले निजी स्वास्थ्य कर्मियों के परिवारों को सहायता देने के लिए उन्हें बीमा योजना में शामिल क्यों नहीं किया गया।

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