By अभिनय आकाश | Jul 23, 2024
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य सरकार के एक अधिकारी द्वारा अपने दो अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख किया है। इस मामले की सुनवाई आज बाद में होने की उम्मीद है। समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक कलेश बी की शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।कल्लेश बी ने कथित वाल्मिकी निगम घोटाले की जांच के दौरान ईडी के दो अधिकारियों - मित्तल और मुरली कन्नन - पर कदाचार का आरोप लगाया। कल्लेश ने आरोप लगाया कि 16 जुलाई को ईडी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तारी की धमकी देकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पूर्व मंत्री बी नागेंद्र सहित हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों को फंसाने के लिए मजबूर किया था।
यह घोटाला इस साल की शुरुआत में सामने आया और इसकी जांच ईडी, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) सहित कई जांच एजेंसियां कर रही हैं। इस महीने की शुरुआत में ईडी ने पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और वाल्मिकी निगम के अध्यक्ष और विधायक बसनगौड़ा दद्दल से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की थी। इन ऑपरेशनों के दौरान गिरफ्तार किए गए नागेंद्र अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।