By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 08, 2026
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने निशानेबाजी कोचिंग स्टाफ के एक प्रमुख सदस्य अंकुश भारद्वाज को निलंबित कर दिया है क्योंकि एक नाबालिग निशानेबाज ने उन पर पिछले महीने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। एनआरएआई ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद में भारद्वाज के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। मोहाली निवासी भारद्वाज पर पॉस्को अधिनियम की धारा छह (गंभीर यौन उत्पीड़न) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (धमकी देने से संबंधित) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पिछले साल अगस्त से भारद्वाज के साथ प्रशिक्षण ले रही इस युवा निशानेबाज ने बताया कि वह इस घटना से सदमे में है और उन्होंने बार-बार पूछे जाने पर एक जनवरी को अपनी मां को इसकी जानकारी दी। अपनी एफआईआर में 17 वर्षीय खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि भारद्वाज उसे मोहाली, पटियाला, देहरादून और दिल्ली जैसे स्थानों पर प्रशिक्षण के लिए बुलाते थे, लेकिन वह हमेशा उसी दिन घर लौट आती थी। पीड़िता ने कहा कि घटना वाले दिन वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए टैक्सी से अकेले ही करणी सिंह रेंज गई थी।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद जब वह घर जा रही थी, तो कोच ने उसे अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए रुकने को कहा। इस युवा खिलाड़ी ने अपनी शिकायत में बताया कि कोच ने पहले उसे फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में एक होटल की लॉबी में मिलने के लिए कहा। लेकिन वहां पहुंचने पर कोच ने कथित तौर पर उसे अपने कमरे में आने के लिए मजबूर किया और कहा कि उसके प्रदर्शन को लेकर अधिक गहन चर्चा करने की जरूरत है। पीड़ित खिलाड़ी ने बताया, ‘‘कोच ने मुझे लिफ्ट वाले एरिया में आने को कहा। जब मैं लिफ्ट वाले एरिया में गई तो कोच ने मुझसे कहा कि उन्होंने यहां एक कमरा बुक किया है, इसलिए मेरे कमरे में आ जाओ। मैं तुमसे वहां खेल के बारे में बात करूंगा।’’
उन्होंने फिजियोथेरेपी तकनीक का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘वह मुझे तीसरी मंजिल पर एक कमरे में ले गए और मैच के बारे में चर्चा की। कुछ देर बाद मैंने सर से कहा कि मैं घर जाना चाहती हूं, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि वह मेरी पीठ की हड्डी चटका (एक तरह का व्यायाम) देंगे।’’ पीड़िता ने एफआईआर में बताया, ‘‘मैंने तुरंत इनकार कर दिया लेकिन इसके बावजूद सर ने मुझे जबरदस्ती पेट के बल लिटाया और मेरा यौन उत्पीड़न किया। जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने मुझे धमकी दी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोच ने मुझे धमकी दी कि मैं इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताऊं वरना वह मेरे पेशेवर करियर को बर्बाद कर देगा। इस घटना के बाद मैं बहुत डर गई और मैंने किसी को कुछ नहीं बताया।’’ इस खिलाड़ी में बताया कि घटना के बाद उनके व्यवहार में बदलाव देखकर जब उसकी मां ने बार-बार उससे पूछा, तब जाकर उसने आखिरकार सब कुछ बताया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
पूर्व पिस्टल निशानेबाज भारद्वाज को अपने करियर के दौरान बीटा-ब्लॉकर के इस्तेमाल के लिए 2010 में डोपिंग प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। निशानेबाजी, तीरंदाजी और बिलियर्ड्स के खिलाड़ियों के लिए बीटा-ब्लॉकर प्रतिबंधित हैं क्योंकि यह हृदय गति, मांसपेशियों में कंपन और चिंता को कम करने में मदद करते हैं।