फिच का अनुमान, 2019-20 वित्त वर्ष में 3.6 प्रतिशत रहेगा राजकोषीय घाटा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 06, 2019

दिल्ली। जोखिम से बचाव समेत विभिन्न मुद्दों पर परामर्श देने वाली कंपनी फिच सॉल्यूशंस ने भारत के राजकोषीय घाटे को लेकर अपने अनुमान को बुधवार को बढ़ा दिया। चालू वित्त वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.6 प्रतिशत पर रह सकता है। सुस्त आर्थिक वृद्धि और कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती से राजस्व संग्रह को होने वाला नुकसान को देखते हुए राजकोषीय घाटे के अनुमान को बढ़ाया गया है। पहले इसके जीडीपी के 3.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया था। 

फिच सॉल्यूशंस ने कहा कि जीएसटी संग्रह और कॉरपोरेट कर संग्रह में कमी आने की वजह से राजस्व संग्रह 2019-20 के बजट अनुमान से कम रह सकता है। फिच ने कहा कि इसे देखते हुए हम 2019-20 के लिए अपने राजकोषीय घाटे के अनुमान को 3.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.6 प्रतिशत कर रहे हैं।' शोध फर्म ने कहा, 'हमारा मानना है कि राजकोषीय खर्च में कटौती नहीं करने की मंशा के बीच सुस्त आर्थिक वृद्धि और सरकार के कॉरपोरेट कर की दर में कटौती से राजस्व संग्रह कम रहेगा। इस वजह से हमने राजकोषीय घाटे के अनुमान को बढ़ाया है।' 

इसे भी पढ़ें: भारत की GDP वृद्धि दर धीरे-धीरे सुधरेगी: फिच सॉल्युशंस

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने बीते 20 सितंबर को घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया है। इस कदम से 2019-20 के दौरान सरकार को 1.45 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की हानि होने का अनुमान है। फिच ने कहा, 'हम राजस्व वृद्धि के अपने अनुमान को भी संशोधित करके 13.1 प्रतिशत से 8.3 प्रतिशत कर रहे हैं। यह सरकार के 13.2 प्रतिशत वृद्धि के बजट अनुमान से काफी कम है।' 

प्रमुख खबरें

Monsoon Heavy Rainfall | देश के कई राज्यों में मानसून का कहर, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की मौत

World Cup के बीच Barcelona में बड़ी हलचल, Lamine Yamal के बयान से Transfer Market में मची खलबली

अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर

Sanju Samson को बाहर करने पर R Ashwin का BCCI पर बड़ा हमला, बोले- यह सरासर नाइंसाफी है