Delhi Dwarka Accident | 'बेटा सदमे में है, परिवार गहरे शोक में', SUV चला रहे आरोपी किशोर के पिता ने तोड़ी चुप्पी

By रेनू तिवारी | Feb 18, 2026

दिल्ली के द्वारका में हुए भीषण एसयूवी हादसे के कुछ दिनों बाद, 17 वर्षीय आरोपी किशोर के पिता ने मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। इस हादसे में 23 वर्षीय साहिल धनेश्वरा की दर्दनाक मौत हो गई थी। आरोपी के पिता ने स्वीकार किया कि दुर्घटना में शामिल स्कॉर्पियो उनके कमर्शियल ट्रांसपोर्ट बिजनेस की है और उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। क्रैश के समय गाड़ी चला रहा व्यक्ति 17 साल का अक्षत्र सिंह था, जिसे हिरासत में ले लिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि साहिल, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी, स्कॉर्पियो SUV से टक्कर के कारण उसके सिर, कई पसलियों और कोहनी में फ्रैक्चर हो गया था।

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खास बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने भी आरोपी के पिता के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और उसे जिम्मेदार ठहराया है। आरोपी के पिता ने माफी मांगी, कहा कि पुलिस के साथ सहयोग किया। पिता, जो ट्रांसपोर्ट का बिज़नेस चलाते हैं, से भी दिल्ली पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ के बाद, उन्होंने मीडिया से बात की और कहा कि जब यह घटना हुई तो वह शहर में नहीं थे।

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उन्होंने कहा कि कानून जो भी ज़रूरी होगा, वह उसका पूरा पालन करेंगे। उन्होंने न्यूज़ एजेंसी ANI को बताया, “मेरा बेटा और बेटी कार में थे। मैं कमर्शियल गाड़ी का बिज़नेस करता हूँ। गाड़ी हमारे बिज़नेस में इस्तेमाल होती है, और गाड़ी पर चालान हमारे ड्राइवरों की वजह से है जो इसे चलाते हैं। यह मेरे बेटे की वजह से नहीं है। यह दिल दहला देने वाली घटना है।” पिता ने आगे कहा, “वह (आरोपी) बहुत परेशान है। पूरे परिवार में बहुत दुख है, उस परिवार के लिए भी और हमारे लिए भी। हमने पुलिस के साथ सहयोग किया...पुलिस ने मुझसे डॉक्यूमेंट्स मांगे। हमने सारे डॉक्यूमेंट्स दे दिए। नहीं, मुझे पता नहीं था (कि मेरी बेटी रील बना रही थी), और वह रील नहीं, बल्कि एक छोटा वीडियो था।”

द्वारका SUV क्रैश: क्या हुआ?

यह क्रैश 3 फरवरी को सुबह करीब 11:50 बजे सेक्टर 11 में लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पास हुआ। पुलिस ने कहा कि स्कॉर्पियो ने एक R15 यामाहा मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उसके सवार साहिल धनेशरा की मौके पर ही मौत हो गई। फिर इसने एक खड़ी स्विफ्ट डिजायर को टक्कर मार दी, जिससे कैब ड्राइवर अजीत सिंह घायल हो गया।

ड्राइवर को मौके पर ही पकड़ लिया गया, और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (रैश ड्राइविंग), 106 (1) (लापरवाही से मौत), और 125 (a) (जान को खतरे में डालने वाला काम) के तहत केस दर्ज किया गया।

मंगलवार को, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (द्वारका) अंकित सिंह ने कहा कि नाबालिग ड्राइवर के पिता पर MV एक्ट, 1988 के तहत सेक्शन 199A (जब कोई नाबालिग (नाबालिग) ट्रैफिक नियम तोड़ता है तो उसके लिए गार्जियन या गाड़ी के मालिक ज़िम्मेदार होते हैं) के तहत केस दर्ज किया गया है। DCP ने HT को बताया, “शुरू में, लड़के ने अपनी उम्र के बारे में झूठ बोला था। अब, जांच के आधार पर, लड़के के पिता पर MV एक्ट के तहत चार्जशीट दायर की जाएगी।”

4 फरवरी को, उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और ऑब्ज़र्वेशन होम भेज दिया गया। 10 फरवरी को, नाबालिग को क्लास 10 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी गई।

पीड़ित की मां ने मंगलवार को कहा कि उसके बेटे को उसके काम की जगह से सिर्फ़ 10 मिनट की दूरी पर एक “लापरवाह लड़के” ने मार डाला। धनेशरा, जो एक इंश्योरेंस कंपनी में पार्ट-टाइम नौकरी करता था, इस साल के आखिर में हायर स्टडीज़ के लिए UK जाने का प्लान बना रहा था।

उन्होंने कहा, "मेरा बेटा 10 मिनट तक सड़क पर पड़ा रहा। मदद देर से आई। मैं लड़के के खिलाफ कार्रवाई चाहती हूं। उसे गाड़ी नहीं चलानी चाहिए थी।"

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