By Ankit Jaiswal | Sep 29, 2026
अगर आप बैंक में 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की पैसे फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर रखने की योजना बना रहे हैं, तो 1 अक्टूबर से आपके लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ी रकम वाली फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर बैंकों के लिए नए नियम तय किए हैं। इसके तहत बैंकों को ऐसी जमाओं पर मिलने वाली ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर हर कामकाजी दिन पहले से बतानी होगी।
गौरतलब है कि यह व्यवस्था मुख्य रूप से बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों के लिए लाई गई है। इसका असर सामान्य ग्राहकों की छोटी या मध्यम रकम वाली फिक्स्ड डिपॉजिटो पर सीधे तौर पर नहीं पड़ेगा। इसका मकसद बड़ी रकम वाली जमा पर बैंकों की ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया को ज्यादा साफ और एक जैसा बनाना है।
नए ढांचे के तहत अनुसूचित कमर्शियल बैंकों में आम तौर पर 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट को बड़ी जमा माना जाता है। ऐसे में कोई ग्राहक अगर इतनी रकम की जमा कराने जा रहा है तो वह पैसा लगाने से पहले बैंक की वेबसाइट पर उस दिन लागू ब्याज दर देख सकेगा।
एक और अहम बदलाव यह है कि एक ही तरह की जमा पर एक ही दिन स्वीकार की गई रकम के लिए घोषित दर ही लागू होनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि केवल अलग शाखा या अलग माध्यम से जमा कराने पर ब्याज दर मनमाने तरीके से अलग नहीं होनी चाहिए। इससे बड़े जमाकर्ताओं को अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करने में आसानी हो सकती है।
हालांकि, नए नियमों का यह मतलब नहीं है कि किसी बैंक को हर बड़ी जमा पर एक ही ब्याज दर देनी होगी। बैंकों को कुछ परिस्थितियों में अलग दर देने की अनुमति बनी रहेगी। खास तौर पर जमा की नकदी जरूरत से जुड़े अंतर के आधार पर दरों में बदलाव संभव होगा।
यह मामला तरलता कवरेज अनुपात से जुड़ा है। आसान भाषा में समझें तो बैंकों को अचानक होने वाली निकासी और दूसरी नकदी जरूरतों से निपटने के लिए पर्याप्त आसानी से उपलब्ध संपत्ति रखनी होती है। अलग-अलग प्रकार की जमाओं का इस व्यवस्था में अलग असर हो सकता है। इसी वजह से बैंक कुछ जमाओं के लिए अलग ब्याज दर तय कर सकते हैं।
सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट कराने वाले ग्राहकों के लिए तत्काल बदलाव बहुत कम हैं। उदाहरण के लिए 1 लाख, 5 लाख या 25 लाख रुपये जमा करने वाले ग्राहक को हर सुबह बैंक की वेबसाइट पर बड़ी जमा की दर देखने की जरूरत नहीं होगी। बता दें कि नए नियम मुख्य रूप से 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की जमा पर लागू होंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बड़े निवेशकों के लिए 1 अक्टूबर के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट कराने से पहले बैंक की वेबसाइट पर घोषित ब्याज दर देखना उपयोगी रहेगा। जिस दिन जमा कराई जा रही है, उस दिन की दर का स्क्रीनशॉट या कोई रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी बेहतर हो सकता है। इसके बाद जमा रसीद और दूसरे दस्तावेजों में दर्ज ब्याज दर की जांच की जा सकती है।
इस बदलाव से कई करोड़ रुपये बैंक में रखने वाले ग्राहकों को पैसा जमा करने से पहले उपलब्ध ब्याज दर साफ तौर पर देखने का मौका मिलेगा। वहीं आम फिक्स्ड डिपॉजिट ग्राहकों के लिए बैंक की मौजूदा व्यवस्था में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला है।