अफगानी महिलाओं और स्कूली छात्राओं के लिए सबसे बुरा साल रहा साल 2021!

By निधि अविनाश | Dec 18, 2021

साल 2021 जाने को है और अगर हम इस साल को रिवाइंड करके देखते हैं तो हमें कोरोना महामारी के अलावा भी कई वेश्विक घटनाएं याद आती है। कोई देश महामारी से निपटने में लगा हुआ हैं तो किसी देश को कई तरह-तरह के संकट से उबरते देखा। कोविड महामारी से लेकर तालिबान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा करने और कई अनोखी घटनाएं इस साल हमारे बीच घटी। 2021 एक ऐसा साल है जिसे हम में से कई लोग भूलना चाहेंगे। दुनिया, मानवता को कई भयानक नुकसान हुए और यह साल काफी उथल-पुथल से गुज़रा।  हम आपको साल 2021 में दर्ज की गई 10 ऐसी घटनाओं के बारे में विस्तार से बताते हैं जो कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के साथ -साथ आपक जहन में भी लंबे समय तक ताजा रहेगी। 

दुनिया के लगभग कई देशों में  वैक्सीन शॉट्स दिए जाने के बावजूद, वायरस से पांच मिलियन से अधिक लोग मारे गए। कई गरीब देशों में अभी भी टीकों की पहुंच नहीं है। विश्व स्तर पर कई प्रमुख शहरों में लॉकडाउन लगाए गए थे। धीरे-धीरे जब कोरोना के मामलों में कमी दिखी तो प्रतिबंध हटाए गए और तोक्यों में एक साल की देरी के बाद खाली स्टेडियमों में बिना दर्शकों के ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ। दुनिया में महामारी के मामलों में बढ़ोतरी हुई तो कई देशों ने प्रतिबंधों को फिर से लागू किया। कोविड वैक्सीनेशन ने उम्मीद जगाई तो लेकिन अब करोना के नए वेरिएंट ने एक बार फिर देश और दुनिया में तनाव बढ़ा दिया। 26 नवंबर 2021 को, WHO द्वारा कोरोना के इस नए वेरिएंट को Omicron नाम दिया गया। अब सभी के मन में एक ही सवाल है कि क्या कोरोना वायरस कभी खत्म होगा?

अफगानिस्तान संकट और तालिबान की सत्ता में वापसी

15 अगस्त को, अमेरिका और नाटो सैनिकों के हटने के बाद, तालिबान ने काबुल में प्रवेश किया। अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत 20 साल के बाद तालिबानी समूह ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर नियंत्रण हासिल किया। इसके बाद जो हुआ वह सिर्फ अराजकता थी। जिसको आप ने भी देखा और हमने भी। तालिबान का अफगानिस्तान पर राज न केवल महिलाओं बल्कि पुरूषों तक के लिए एक खतरा साबित हुआ। राजनयिकों, विदेशियों और अफ़गानों को निकालने के लिए हज़ारों लोग काबुल के हवाई अड्डे पर भागते नजर आए। बहुत से लोग भगदड़ जैसी स्थितियों में, या आत्मघाती बम विस्फोटों में मारे गए। अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करते हुए, अमेरिका के अंतिम सैनिक 30 अगस्त को वापस अपने स्वदेश रवाना हो गए। तब से अफगानिस्तान ने महिलाओं, अल्पसंख्यकों पर कई फरमान जारी किए। स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक में महिलाओं की आजादी छिनती दिखी। तालिबान को वैश्विक देशों से कब मान्यता प्राप्त होगी यह कहना काफी मुश्किल होगा क्योंकि किसी को भी इस देश पर भरोसा नहीं है। मान्यता न मिलने से यह देश अब गरीबी की दिशा में पहुंच गया है। 

2021: तख्तापलट का साल

म्यांमार में लोकतंत्र 1 फरवरी को तब समाप्त हो गई जब देश की नेता आंग सान सू की को तख्तापलट में गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद म्यांमार में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। सैन्य जुंटा के खिलाफ इन सामूहिक विरोधों में 1,200 से अधिक लोगों  की मौत हुई और हजारों को गिरफ्तार किया गया। अब एक विशेष अदालत ने देश की अपदस्थ नेता आंग सान सू ची को लोगों को उकसाने और कोरोना वायरस संबंधी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का दोषी करार देते हुए सोमवार को चार साल कैद की सजा सुनाई। एक कानूनी अधिकारी ने यह जानकारी दी। देश की सत्ता पर एक फरवरी को सेना के कब्जा के बाद से, 76 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता पर चलाए जा रहे कई मुकदमों में से पहले मामले में यह सजा मिली है।  

जलवायु घटनाएं

जर्मनी और बेल्जियम में विनाशकारी बाढ़ से लेकर अमेरिका, रूस, तुर्की, ग्रीस, स्पेन और अल्जीरिया में विनाशकारी और लंबे समय से चल रही जंगल की आग तक, दुनिया भर में कई विनाषकार जलवायु घटनाएं हुई।नवंबर में ग्लासगो में COP26 शिखर सम्मेलन में, लगभग 200 देशों ने ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ कार्रवाई करने की कसम खाई।

अमेरिका: कैपिटल हिल में अराजकता

दुनिया को स्तब्ध कर देने वाले हमले में, 6 जनवरी को, डोनाल्ड ट्रम्प के हजारों समर्थकों ने अमेरिकी लोकतंत्र की सीट कैपिटल पर धावा बोल दिया। इस हिंसा के दो सप्ताह बाद बाइडेन ने 46वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वहीं ट्रम्प ने 152 साल की परंपरा को तोड़ते हुए शपथ उद्घाटन समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया। बता दें कि, ट्रम्प को एक ऐतिहासिक सीनेट महाभियोग परीक्षण के बाद 13 फरवरी को कैपिटल विद्रोह को उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया गया।

नवलनी को जहर और कैद

क्रेमलिन के सबसे प्रमुख आलोचकों में से एक, एलेक्सी नवलनी को जर्मनी में जहर देने के पांच महीने बाद मास्को लौटने पर गिरफ्तार किया गया। इन सभी के लिए उन्होंने व्लादिमीर पुतिन को दोषी ठहराया। वहीं रूसी सरकार ने किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार करते हुए कई बयान मीडिया को दिए। पुतिन के विद्रोही नवलनी को ढाई साल जेल की सजा सुनाई गई। 

अल-अक्सा मस्जिद संघर्ष

7 मई को अल-अक्सा मस्जिद में झड़पों के बाद कम से कम 163 फिलिस्तीनी और 6 इजरायली अधिकारी घायल हो गए थे। उत्सव के हिंसक होने से पहले ही हजारों लोग रमजान मनाने के लिए जमा हुए थे। इस दौरान पुलिस ने गोलियां चलाईं और लोगों पर बोतलें और पत्थर फेंके। 17 मई को, इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष अपने सबसे घातक दिन पर पहुंच गया, दोनों देशों के बीच कई हवाई हमले हुए। 43 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए। गाजा ने इजरायल की ओर 100 रॉकेट लॉन्च किए। इज़राइल ने हवाई हमले जारी रखे, जिससे कुल 197 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई।19 मई को, इज़राइल-हमास युद्धविराम के बाद जश्न मनाया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद, हवाई हमले और रॉकेट लॉन्च जारी रहे। हमास गाजा में स्कूलों कब्रिस्तान में बदल गया। 22 मई को, युद्धविराम को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया और सहायता गाजा पहुंचाई गई। पिछले 11 दिनों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। 2 जून को, इज़राइल के विपक्षी दल एक नई सरकार बनाने के लिए सहमत हुए, आधिकारिक तौर पर बेंजामिन नेतन्याहू के प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल समाप्त हो गए और नफ्ताली बेनेट देश के नए पीएम चुने गए।

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