By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 23, 2020
नयी दिल्ली/ बेंगलुरू। फ्लिपकार्ट समूह ने बृहस्पिवार को देश के 650 अरब डॉलर के थोक कारोबार बाजार में उतरने के लिए नए डिजिटल बाजार ‘फ्लिपकार्ट होलसेल’ शुरू करने की घोषणा की। साथ ही कंपनी ने वॉलमार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी भी खरीदी है। वॉलमार्ट इंडिया देश में ‘बेस्ट प्राइस’ नाम से थोक दुकानों का परिचालन करती है। अभी इसके देशभर में 28 स्टोर हैं। फ्लिपकार्ट की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गयी है जब कंपनी ने हाल ही में वॉलमार्ट के नेतृत्व वाले निवेशकों के समूह से 1.2 अरब डॉलर का निवेश जुटाया है। हालांकि फ्लिपकार्ट ने वॉलमार्ट इंडिया के अधिग्रहण सौदे के मूल्य का खुलासा नहीं किया है। गौरतलब है कि वॉलमार्ट इंडिया, दुनिया की सबसे बड़ी खुदरा कारोबार कंपनियों में से एक वॉलमार्ट के पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी है। वहीं फ्लिपकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए वॉलमार्ट ने 2018 में 16 अरब डॉलर का निवेश किया था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘फ्लिपकार्ट होलसेल’ एक बी2बी (कंपनियों के बीच आपस में कारोबार) डिजिटल बाजार होगा।
साथ ही ग्राहकों तक इन सामानों की आपूर्ति भरोसेमंद नेटवर्क के माध्यम से की जाएगी जो मार्जिन को बढ़ाएगा।’’ वॉलमार्ट के ‘बेस्ट प्राइस’ से अभी करीब 15 लाख लोग जुड़े हैं। इसमें किराना और अन्य एमएसएमई शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि बड़े भारतीय ब्रांड, स्थानीय विनिर्माता और विक्रेताओं ने फ्लिपकार्ट होलसेल के साथ साझेदारी की है ताकि किराना और एमएसएमई के लिए ज्यादा से ज्यादा उत्पाद उपलब्ध हो सकें। फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा कि वॉलमार्ट इंडिया के अधिग्रहण से थोक कारोबार में उनकी गहरी समझ और कर्मचारियों के अनुभव का फायदा फ्लिपकार्ट को मिलेगा। यह किराना और एमएसएमई की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमारी स्थिति मजबूत करेगा।