बाढ़ ने खोली बीजेपी सरकार की पोल,तबाह किए करोड़ो के पुल, विपक्ष ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

By सुयश भट्ट | Aug 06, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार बारिश का प्रकोप जारी है। बारिश के कारण बांधों के गेट खोलने से सिंध और सीप नदी ने भारी तबाही मचाई है। बीते दो दिनों में 6 पुल ढह चुके हैं जिनमें से 4 का निर्माण पिछले 10-11 साल में ही हुआ था। इसके बाद सरकार ने इस मामले में जांच के लिए कमेटी बनाई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की हैं।

आपको बता दें कि इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नुकसान व्यापक हुआ है, ट्रांसफॉर्मर जल गये हैं, सड़क-पुल-पुलिया में हजारों करोड़ का नुकसान है, निजी नुकसान अलग है लेकिन हम सबको राहत देने की कोशिश में हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा कि प्रदेश के दतिया जिले में बारिश से रतनगढ़, लांच के बाद अब सनकुआं के पुल बहने की घटना बेहद गंभीर व चिंताजनक? कुछ ही वर्षों पूर्व, करोड़ों की लागत से बने यह पुल बारिश के पानी में पत्ते की तरह बह गये. कैसा निर्माण कार्य? इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, जवाबदेही तय हो।

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वहीं राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में इस साल पिछले 30 साल में सबसे भयंकर बाढ़ आई है। मैंने राज्यसभा में इस मसले को उठाया है और इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।

पुल बनने का समय और लागत 

  •  रतनगढ़-बसई का पुल 2010 में बना और इसकी लागत 5.9 करोड़ थी। 
  •   इंदरगढ़-पिछोर का पुल 2013 में बना और इसकी लागत 10 करोड़ थी।
  •  श्योपुर-बड़ौदा पर 2013 में पुल बना और इसकी लागत  3.94 करोड़ थी।
  • भिंड के गोरई-अडोखर में तो 2017 पुल बना और इसकी लागत 13.71 करोड़ थी।

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