देश के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा! यूपी-बिहार के कई गांव में घुसा पानी, पलायन को लोग मजबूर

By अंकित सिंह | Aug 14, 2021

देश में कई राज्यों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एक ओर उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर हैं तो वही बिहार में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। महाराष्ट्र में भी लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। गंगा का जल स्तर अपने उफान पर है जिसकी वजह से इसके तट पर बसे शहरों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है जिससे यहां पानी का कहर बरप रहा है। प्रयागराज के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानीय लोग अब बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति भयंकर हो गई है जिसकी वजह से लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। प्रयागराज के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रशासन की ओर से नाव के जरिए लोगों तक पानी की बोतल है और खाने के पैकेट बांटे जा रहे है। भगवान भोलेनाथ की नगरी वाराणसी में भी गंगा रौद्र रूप में है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। गांव की भी हालत खराब हो रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद वाराणसी का दौरा कर चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वहां की स्थिति का जायजा लिया है। वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से ऊपर है। बिहार में भी राजधानी पटना और आसपास के इलाके बाढ़ की चपेट में है। कई शहरी इलाकों में पानी घुस गया है। पटना और सारण के कई इलाकों में बाढ़ का पानी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन इलाकों का दौरा कर रहे हैं और राहत और बचाव कार्य पर जोर दे रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में बाढ़ से पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में बारिश नहीं

इन सबके बीच स्थानीय लोगों का पलायन भी लगातार हो रहा है। वाराणसी, प्रयागराज और पटना तथा बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की चपेट में आए गांव में पलायन का खतरा बढ़ गया है। लोग अपने गांव को छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं। गांव वालों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है।

प्रमुख खबरें

सेंसेक्स-निफ्टी में फिर लौटी रौनक, Sensex 544 अंक मजबूत, Rupee में भी दिखी शानदार बढ़त

Apple का बड़ा फैसला! iPhone 18 Launch के लिए करना होगा लंबा इंतजार, टूटेगी परंपरा

मोदी सरकार ने 12 वर्ष में सेवा, सुशासन और विकास के स्वर्णिम काल की उपलब्धियां जनता के सामने रखी हैं— कमलजीत सहरावत

धक्का-मुक्की विवाद में Vaibhav Suryavanshi को मिला BCCI का साथ, बोर्ड ने Action लेने से किया इनकार