By रेनू तिवारी | Oct 30, 2026
भूटान के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में स्थित सिंताफू ग्लेशियल झील (GLOF - Glacial Lake Outburst Flood) के फटने के कारण असम और उत्तर बंगाल के निचले इलाकों में बाढ़ की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। गुरुवार रात झील का मुहाना टूटने से निचले इलाकों में अचानक भारी मात्रा में पानी बहने लगा, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया और संबंधित जिलों को तुरंत 'हाई अलर्ट' पर रख दिया गया है। संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर के खतरनाक स्तर तक बढ़ने की आशंका को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
अलीपुरद्वार के SP अमित कुमार शॉ ने लोगों से घबराने की अपील की है। उन्होंने ANI को बताया, "फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। हम भूटान के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। हमारी पुलिस टीम, जिला मजिस्ट्रेट (DM), ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हमारी SDRF टीम मौके पर मौजूद है और NDRF की टीम भी रास्ते में है। सिविल डिफेंस की टीम को भी तैनात किया गया है। हमने लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है और स्कूल की इमारतों को राहत केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।"
इसके अलावा, 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पानी के मौजूदा बहाव और मिली ताजा जानकारी के अनुसार, पानी का वेग थोड़ा कम हुआ है, लेकिन हम अभी भी हाई अलर्ट पर हैं। पुलिस, DM कार्यालय और BDO कार्यालय ने सूखे भोजन और पीने के पानी का इंतजाम कर लिया है। साथ ही, हमने शौचालय जैसी अन्य जरूरी सुविधाओं का भी प्रबंध किया है। हम दो घंटे तक इंतज़ार करेंगे और देखेंगे कि स्थिति कैसी रहती है। हम पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सक्षम हैं। SP ने बताया कि संकोश नदी प्रणाली के लिए फिलहाल 'रेड अलर्ट' जारी है।
बाढ़ के संभावित खतरे वाले इलाके:
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले और असम के धुबरी जिले में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
दार्जिलिंग की पहाड़ियों, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों सहित उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया है।
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