अफगानिस्तान से लोगों की वापसी पर ध्यान दे रहे, वहां सरकार गठन पर स्पष्टता की कमी : भारत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 28, 2021

नयी दिल्ली। काबुल हवाई अड्डे के बाहरआत्मघाती हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की घटना के एक दिन बाद भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसका पूरा ध्यान अफगानिस्तान से शेष भारतीयों को वापस लाने पर है और तालिबान को मान्यता देने या नहीं देने का सवाल अभी प्रासंगिक नहीं है क्योंकि पड़ोसी देश में सरकार गठन को लेकर अभी स्पष्टता की कमी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत का पूरा ध्यान अफगानिस्तान में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने पर है।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका सबसे खराब स्थिति में है, डोनाल्ड ट्रंप ने अफगान संकट पर दिया बयान

बागची ने कहा, ‘‘ जमीनी स्थिति अनिश्चित है। हमारी मुख्य चिंता अपने लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। अभी काबुल में किसी इकाई के सरकार बनाने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है या स्पष्टता की कमी है। हम उभरती स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और अभी की स्थिति में मुझे इतना ही कहना है। ’’ उन्होंने कहा कि वहां स्थिति काफी कठिन है, अफगानिस्तान से वापसी के अभियान में उड़ानों को लेकर भारत विभिन्न पक्षों के सम्पर्क में है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें है कि अफगानिस्तान के सिखों सहित वहां के कुछ नागरिक 25 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे तक नहीं पहुंच सके और इसिलये हमारी उड़ान को उनके बिना ही आना पड़ा। बृहस्पतिवार को काबुल हवाई अड्डे के बाहर घातक विस्फोट ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका एवं कुछ अन्य देश 31 अगस्त के वहां से बाहर निकलने की समयसीमा से पहले अपने नागरिकों और अफगानिस्तान के अपने सहयोगियों को बाहर निकाल रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या तालिबान के साथ पर्दे के पीछे किसी वार्ता में भारत शामिल है, बागची ने कहा कि भारत का सभी पक्षकारों के साथ सम्पर्क है और अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम को लेकर वह सहयोगी देशों के सम्पर्क में है। उन्होंने कहा कि हमारा सम्पूर्ण आकलन यह है कि बहुसंख्य भारतीयों को वहां से निकाल लिया गया है तथा कुछ अन्य भारतीयों के अफगानिस्तान में होने की संभावना है और इनकी वास्तविक संख्या अभी उनके पास नहीं है। काबुल हवाई अड्डे के बाहर विस्फोट के बारे में उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है और हम सभी सहयोगियों के सम्पर्क में हैं। उन्होंने भारत सरकार की ओर से प्रदान की गई ई-वीजा सुविधा का भी जिक्र किया।

अफगानिस्तान की महिला सांसद रंगीना करगर को वापस लौटाने संबंधी एक सवाल के जवाब में बागची ने कहा कि 15 अगस्त के बाद वहां सुरक्षा स्थिति खराब हो गई और ऐसी खबरें आई कि कुछ लोगों के एक समूह ने काबुल में हमारी आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर धावा बोल दिया जहां भारतीय वीजा के साथ अफगान पासपोर्ट थे। प्रवक्ता ने कहा कि इसके बाद भारतीय प्रशासन उच्च सतर्कता की स्थिति में आ गया था। हमने ई-वीजा सुविधा शुरू की। ऐसा प्रतीत होता है कि इसके कारण कुछ भ्रम उत्पन्न हो गया और अफगानिस्तान के एक खास नागरिक को प्रवेश देने से मना करने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। उन्होंने कहा कि इसके बाद हालांकि अफगानिस्तान के अनेक नागरिकों को भारत लाया गया। उन्होंने कहा कि अब तक छह उड़ानों से 550 लोगों को भारत वापस लाया गया है जिसमें से 260 भारतीय नागरिक हैं।

प्रमुख खबरें

Akshaya Tritiya पर आर्थिक तंगी से हैं परेशान? अपनाएं गंगाजल के ये अचूक Wealth Tips

Yogi Government में बड़े बदलाव की आहट, Performance पर होगा फैसला, कई नए चेहरों को मिलेगा मौका

Top 10 Breaking News 17 April 2026 | Womens Reservation Bill | Sanjeev Arora Money Laundering Case | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

Agra Crime | खून से लाल हुआ होटल का कमरा: शराब, शबाब और फिर खूनी विवाद, महिला ने अपने साथी को बेरहमी से मारा