Pro League में Team India का खराब प्रदर्शन, दिग्गज PR Sreejesh ने कोच Craig Fulton से पूछे चुभते सवाल।

By Ankit Jaiswal | Jul 02, 2026

भारतीय हॉकी के दिग्गज पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन और विदेशी मुख्य कोच क्रेग फुल्टन की भूमिका को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए उनके एक पोस्ट ने हॉकी जगत में नई बहस छेड़ दी है। श्रीजेश का मानना है कि पिछले दो प्रो लीग सत्रों में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और अब इस पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।

हालांकि इस पूरे मामले का दूसरा पक्ष भी है। गौरतलब है कि मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के कार्यकाल में भारतीय टीम ने प्रो लीग को कई बार युवा खिलाड़ियों को मौका देने और नई रणनीतियों को परखने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया है। इसी दौरान टीम ने कई नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाया, जिससे भविष्य के लिए मजबूत टीम तैयार करने की कोशिश की गई।

बता दें कि प्रो लीग के परिणामों को हमेशा अंतिम पैमाना नहीं माना जाता। वर्ष 2023-24 के प्रो लीग सत्र में भारत सातवें स्थान पर रहा था, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतने में सफल रहा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसी एक प्रतियोगिता का प्रदर्शन हमेशा बड़ी प्रतियोगिताओं के नतीजों को तय नहीं करता।

इसके बावजूद पीआर श्रीजेश का मानना है कि केवल यह कहकर खराब प्रदर्शन को सही नहीं ठहराया जा सकता कि टीम नए खिलाड़ियों को मौका दे रही थी या नई रणनीतियों पर काम कर रही थी। उन्होंने लिखा कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतना निश्चित रूप से अच्छी उपलब्धि है, लेकिन अब इन प्रतियोगिताओं को भारतीय हॉकी की वैश्विक ताकत का पैमाना नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार भारत एशिया में पहले से ही मजबूत टीम है और अब असली चुनौती विश्व स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की हैं।

पीआर श्रीजेश ने विदेशी मुख्य कोच पर होने वाले खर्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हर महीने लगभग 25 लाख रुपये के बराबर वेतन विदेशी मुख्य कोच को दिया जा रहा है तो उसका उद्देश्य केवल एशियाई प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करना नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक इस निवेश का लक्ष्य विश्व कप, प्रो लीग और ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भारत को नियमित पदक का दावेदार बनाना होना चाहिए।

उन्होंने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि टीम का समर्थन करने का मतलब हर फैसले पर चुप रहना नहीं है। उनके अनुसार सच्चे समर्थक वही होते हैं जो बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखते हुए कठिन सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी के मानकों को और ऊंचा करने की जरूरत है, न कि केवल क्षेत्रीय सफलता से संतुष्ट हो जाने की।

मौजूद जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले पर मुख्य कोच क्रेग फुल्टन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले महीनों में होने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रदर्शन इन सवालों का जवाब देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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