Food Inflation ने बिगाड़ा रसोई का बजट, 4.45% हुई खुदरा महंगाई, आम आदमी की Pocket पर बढ़ा Pressure

By Ankit Jaiswal | Aug 12, 2026

देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह लगातार नौवां महीना है जब उपभोक्ता कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून में खुदरा महंगाई 4.38 प्रतिशत थी। हालांकि, जुलाई का आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के अनुमान से थोड़ा कम रहा है। रॉयटर्स की ओर से किए गए सर्वे में महंगाई के 4.50 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।

गौरतलब है कि महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर दबाव बना हुआ है। ईरान से जुड़े संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। लाल सागर और ओमान की खाड़ी में जहाजों पर हुए हमलों के बाद समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इन घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

बता दें कि भारत अपनी ईंधन जरूरतों का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में वैश्विक तेल कीमतों में तेजी का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस रास्ते में किसी तरह की बड़ी रुकावट होने पर ईंधन की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी माना है कि कुल महंगाई चार प्रतिशत के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर चली गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मूल महंगाई अभी सामान्य स्तर पर बनी हुई है। उनके मुताबिक देश की आर्थिक वृद्धि अब तक मजबूत रही है, लेकिन आगे का रास्ता साफ नहीं है। मानसून, अल नीनो, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर से दिसंबर वाली तिमाही में महंगाई अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच सकती है। इसके बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, खाद्य वस्तुओं और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी जारी रही तो महंगाई पर दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है।

इसी वजह से बाजार में यह संभावना बढ़ रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस साल के आखिर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू कर सकता है। मॉर्गन स्टैनली ने दिसंबर से दरें बढ़ने का अनुमान जताया है। उसके अनुसार कुल 75 आधार अंक की बढ़ोतरी हो सकती है और नीतिगत दर छह प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

मॉर्गन स्टैनली का अनुमानहै कि मार्च 2027 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत की औसत महंगाई पांच प्रतिशत रह सकती है। इसके पीछे खाद्य महंगाई और उत्पादन लागत में संभावित बढ़ोतरी को प्रमुख कारण माना गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में भारतीय रिजर्व बैंक के सामने महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बनाए रखने के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती होने की उम्मीद हैं।

प्रमुख खबरें

Global Market में जबरदस्त उछाल, Gold Price 1.59 लाख के पार, Investors की बढ़ी दिलचस्पी

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अब Cab Booking से पहले नहीं मांग सकेंगे Tip, Ministry ने कंपनियों को दिए सख्त निर्देश

Bihar में फिर दौड़ेगी Sugar Mill की चाशनी, सुधा की तर्ज पर Vegfed Booth भी खुलेंगे

Airtel Mobile Recharge Shock: एयरटेल ने प्रीपेड प्लान के ढांचे में किया बड़ा बदलाव, 16% तक बढ़ी कीमतें