सिद्धू के कारतारपूर जानें पर विदेश मंत्रालय ने लगाई सेंध, लेनी होगी राजनीतिक मंजूरी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 01, 2019

नयी दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि जो लोग करतारपुर गलियारे के जरिए गुरद्वारा दरबार साहिब जाने वाले भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें वहां जाने के लिए सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी। मंत्रालय की टिप्पणी इन खबरों के बीच आई है कि पाकिस्तान ने गलियारे के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को आमंत्रित किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस सम्मेलन में कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ जो सूची साझा की है, उसमें केंद्रीय मंत्रियों और पंजाब सरकार के लोगों सहित राजनीति से जुड़े विभिन्न तबकों की हस्तियां शामिल हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या साझा की गई सूची में सिद्धू का भी नाम है, उन्होंने सीधा उत्तर नहीं दिया और कहा कि जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है, वे जानते हैं कि उन्हें राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने करतारपुर गलियारे के जरिए पाकिस्तान स्थित गुरद्वारा दरबार साहिब जाने वाले उद्घाटन जत्थे में शामिल 575 लोगों का संदर्भ देते हुए कहा कि कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं होगा। प्रवक्ता ने कहा कि जिन्हें पाकिस्तान आमंत्रित करना चाहता है और जो भविष्य में जाना चाहते हैं, उन्हें सामान्य राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी जोकि किसी विदेशी देश की यात्रा के लिए जरूरी होती है। सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप किसी राजनीतिक यात्रा के लिए सरकार से मंजूरी लेने की आवश्यकता होती है।

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खबर है कि पाकिस्तान ने सिद्धू को ऐतिहासिक करतारपुर गलियारे के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। यह गलियारा तीर्थयात्रियों के लिए नौ नवंबर को खुलेगा। केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी उन 575 लोगों में शामिल हैं जो गुरद्वारा दरबार साहिब जाने वाले उद्घाटन जत्थे में शामिल होंगे। 

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कुमार ने यह भी कहा कि भारत ने गुरु नानक की जन्मथली ननकाना साहिब की यात्रा के लिए भी 480 लोगों की सूची साझा की है और उनके लिए वीजा मांगा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जो यह दिखाने की कोशिश करता है कि वह सिख तीर्थयात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है, यह हमने उनसे नहीं सुना है, असल में हमने यह सुना है कि वीजा नहीं दिए जाएंगे। हमें लगता है कि यह सिख तीर्थयात्रियों की भावनाओं का अपमान है, खासकर गुरु नानक की 550वीं जयंती के शुभ अवसर पर।’’

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि करतारपुर गलियारे का उद्घाटन भारत और पाकिस्तान द्वारा अलग-अलग किया जाएगा और विवरण की घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोजन को कवर करने की इच्छा रखने वाले मीडियाकर्मियों को पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए सामान्य प्रक्रिया का पालन करना होगा।

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