India MEA Briefing: पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच भारत पूरी तरह अलर्ट, Hormuz पर UK की बैठक में विदेश सचिव ने लिया हिस्सा

By नीरज कुमार दुबे | Apr 02, 2026

भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज कई महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। प्रेस वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति, पड़ोसी देशों के साथ ऊर्जा सहयोग, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

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पड़ोसी देशों को किये जा रहे ऊर्जा सहयोग के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत वर्ष 2007 से बांग्लादेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति करता आ रहा है। इसके अतिरिक्त हाल ही में श्रीलंका के अनुरोध पर उसे 38 हजार मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं। नेपाल और भूटान के साथ भी भारत का ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग लगातार जारी है। मालदीव सरकार ने भी अल्पकालिक और दीर्घकालिक आधार पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए भारत से संपर्क किया है। इन अनुरोधों पर भारत अपनी उपलब्धता और घरेलू आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विचार कर रहा है।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि ईरान से दो सौ चार भारतीय नागरिकों को स्थल मार्ग के जरिए अजरबैजान पहुंचाया गया है, जहां से उनकी स्वदेश वापसी हो रही है। इनमें से कई नागरिक वापस लौट चुके हैं और शेष अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे। उन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए अजरबैजान सरकार का आभार व्यक्त किया।

बहरीन प्रस्ताव पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव इस समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विचाराधीन है और संबंधित पक्ष इसके मूल पाठ पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का स्पष्ट मत है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप वाणिज्यिक जहाजरानी स्वतंत्र और सुरक्षित होनी चाहिए। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय समुदाय की स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं और वे सभी सुरक्षित हैं। भारत के दूतावास लगातार उनके संपर्क में हैं। हालांकि इस संघर्ष के दौरान अब तक आठ भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है और एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। विदेश मंत्रालय, पोत परिवहन मंत्रालय और क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास मिलकर भारतीयों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए समन्वित प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और पूरे क्षेत्र की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति पर चर्चा के लिए ब्रिटेन ने कई देशों को आमंत्रित किया है, जिसमें भारत भी शामिल है। इस बैठक में भारत की ओर से विदेश सचिव भाग ले रहे हैं। इसके अलावा भारत ईरान और अन्य संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित और निर्बाध मार्ग सुनिश्चित किया जा सके। पिछले कुछ दिनों में ऐसे प्रयासों के चलते छह भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। ये जहाज रसोई गैस, तरलीकृत प्राकृतिक गैस और अन्य आवश्यक वस्तुएं लेकर जा रहे थे।

कुल मिलाकर, विदेश मंत्रालय की इस प्रेस वार्ता में भारत की बहुआयामी विदेश नीति की झलक दिखाई दी, जिसमें एक ओर वैश्विक शांति अभियानों में सक्रिय योगदान है, तो दूसरी ओर क्षेत्रीय सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई।

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