हथेली में इन रेखाओं का होना माना जाता है अशुभ, परेशनियों से भरा होता है जीवन

By प्रिया मिश्रा | Jul 24, 2021

हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार हथेली पर बनी रेखाओं को देखकर भाग्य के बारे में बहुत कुछ पता लगाया जा सकता है। हमारे हाथ में भाग्‍य रेखा, ह्रदय रेखा, जीवन रेखा और विवाह रेखा जैसी कई प्रकार की रेखाएं होती हैं। इसके अलावा हाथ में मंगल पर्वत, बुद्ध पर्वत, शुक्र पर्वत और शनि पर्वत भी होते हैं। हाथ पर बनी रेखाएं और पर्वत हमारे जीवन में होने वाली शुभ और अशुभ स्थितियों की ओर इशारा करती हैं। हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार हमारे हाथ में कई ऐसी रेखाएं होती हैं जो व्यक्ति को जीवन में अशुभ फल देती हैं। आज के इस लेख में हम आपको बतांएगे कि हाथ में कैसी रेखाओं का होना अशुभ माना जाता है- 

यदि किसी की हथेली के दोनों मंगल पर्वत दबे हुए दिखाई दें तो यह शुभ संकेत नहीं है। ऐसा व्यक्ति जीवन में कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाता है।

हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार, यदि मस्तिष्क रेखा बहुत ही छोटी है तो व्यक्ति मृत्यु समान कष्ट पाता है।

जिन लोगों की हथेली में भाग्य रेखा के पास धन या जोड़ (+) जैसा निशान हो उन्हें जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ता है। 

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हाथ में कनिष्ठा यानि सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत होता है जो व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता के बारे में संकेत देता है। यदि बुध पर्वत पर रेखाओं की जाली हो तो यह अशुभ माना जाता है।  इसकी वजह से बुद्धि संबंधी कामों में बाधाएं आती हैं।  

यदि किसी व्यक्ति के हाथ में मणिबंध पर एक ही रेखा हो और वह भी अधूरी हो तो इसे अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन नीरस होता है और इनके जीवन कोई उत्साह नहीं होता है।

जिन लोगों के हाथ में बुद्ध पर्वत चपटा होता है उन्हें समाज में मान-सम्मान नहीं मिल पाता है। ऐसे लोग दिमाग से जुड़े काम में सफल नहीं हो पाते हैं।

हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार, यदि हाथ में हृदय रेखा दो भागों में बंटी हो तो व्यक्ति को हृदय रोग होने का खतरा रहता है।  

यदि हथेली में दो से अधिक राहु रेखाएं मिलकर मस्तिष्‍क रेखा पर जाकर द्वीप बनाएं तो इसे अशुभ माना जाता है। इससे वंश में या फिर परिवार में किसी की असमय मृत्‍यु का भय रहता है।  

जिन लोगों के हाथ में जीवन रेखा टूटी हो उन्हें गर्भाशय तथा मासिक धर्म संबंधी रोगों का सामना करना पड़ता है।

- प्रिया मिश्रा

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