पुणे सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चिकित्सा आधार पर दी अंतरिम जमानत

By अभिनय आकाश | Oct 14, 2024

सुप्रीम कोर्ट ने सेवा विकास सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अमर साधुराम मूलचंदानी को 429 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और अब बंद हो चुके ऋणदाता में धन के दुरुपयोग से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने चिकित्सा आधार पर जमानत दी थी, जिसमें कहा गया था कि जो लोग गंभीर रूप से बीमार या कमजोर हैं। वे धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के कड़े प्रावधानों के तहत भी जमानत के हकदार हैं। पीठ ने कहा कि पीएमएलए कितना भी सख्त क्यों न हो, हमें कानून के चारों कोनों के भीतर काम करना होगा। कानून हमें बताता है कि जो कोई बीमार और अशक्त है उसे जमानत दी जानी चाहिए। यह बात कि उसका इलाज सरकारी अस्पताल में किया जा सकता है, क़ानून में जो कहा गया है उसका कोई जवाब नहीं है। 

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शीर्ष अदालत ने जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जमानत दे दी, जिसमें मूलचंदानी की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि की गई थी। मामले को संभाल रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खुलासा किया कि सेवा विकास सहकारी बैंक में 92 प्रतिशत से अधिक ऋण खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में बदल गए थे, जिससे संस्था का पतन हुआ। बाद में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय अस्थिरता के कारण बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया।

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