Manohar Parrikar Birth Anniversary: मिस्टर क्लीन के नाम से जाने जाते थे पूर्व CM मनोहर पर्रिकर, ऐसा रहा राजनीतिक सफर

By अनन्या मिश्रा | Dec 13, 2024

आज ही के दिन यानी की 13 दिसंबर को गोवा के पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर का जन्म हुआ था। मनोहर पर्रिकर की गिनती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में की जाती थी। उनका राजनीतिक जीवन तमाम उपलब्धियों से भरा रहा है। गोवा में आप उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि वह चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे थे। इसके अलावा उन्होंने रक्षामंत्री का पद भी संभाला था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और शिक्षा

गोवा के मापुसा गांव में 13 दिसंबर 1955 को मनोहर पर्रिकर का जन्म हुआ था। उन्होंने शुरूआती शिक्षा लोयोला हाई स्कूल से पूरी की। फिर साल 1978 में मनोहर पर्रिकर ने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त की। मनोहर पर्रिकर छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में सक्रिय थे। शुरूआत से ही संघ की ओर उनका झुकाव रहा था। पढ़ाई के दौरान ही वह संघ की शाखा में जाने लगे थे। वहीं पढ़ाई पूरी होने के बाद वह संघ से जुड़े रहे और बाद में पर्रिकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। 

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राजनीतिक सफर

साल 1994 में मनोहर पर्रिकर ने भाजपा के टिकट पर गोवा की पणजी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। वहीं 24 अक्तूबर 2000 में गोवा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की और सत्ता तक अपनी पहुंच बनाई। इस दौरान मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि सीएम बनने की खुशी अधिक दिनों तक नहीं रह सकी, क्योंकि उनकी निजी जिंदगी में भूचाल आ गया था।

पत्नी का कैंसर से निधन

पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर की पत्नी मेघा का कैंसर के कारण निधन हो गया। वहीं फरवरी 2002 में पर्रिकर को सीएम पद भी छोड़ना पड़ा। जब जून 2002 में वह फिर से सीएम बने, तो फरवरी 2005 तक इस पद पर आसीन रहे। साल 2005 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त मिली और 2012 में वह भाजपा फिर से सत्ता में लौटे और एक बार फिर पर्रिकर 2012 से 14 तक गोवा के सीएम बनें।

वहीं जब साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोहर पर्रिकर को दिल्ली बुलाया और उनको सबसे महत्वपूर्ण रक्षामंत्री का पदभार सौंपा गया। लेकिन रक्षामंत्री बनने के बाद पर्रिकर का संसद सदस्य बनना जरूरी था, इसलिए वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद बनें। हालांकि मनोहर पर्रिकर अधिक समय तक रक्षामंत्री के पद पर नहीं रहे, क्योंकि खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए वह 2017 में गोवा लौट आए और फिर से मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए।

मृत्यु

बता दें कि लंबे समय तक कैंसर की बीमारी से जूझने के बाद 17 मार्च 2019 को 63 साल की उम्र में मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया।

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