Chandrashekhar Death Anniversary: राजनीति में सिद्धांतों के योद्धा माने जाते थे पूर्व पीएम चंद्रशेखर

By अनन्या मिश्रा | Jul 08, 2025

भारत के 8वें प्रधानमंत्री रहे चंद्रशेखर का 08 जुलाई को निधन हो गया था। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले पूर्व पीएम चंदशेखर 'युवा तुर्क' और 'क्रांतिकारी जोश' के नाम से भी फेमस रहे। बता दें कि प्रधानमंत्री बनने से पहले वह किसी राज्य या केंद्र में मंत्री पद पर नहीं रहे थे। लेकिन फिर भी चंद्रशेखर की आवाज संसद से लेकर सड़क तक गूंजती थी। भले ही उनका बतौर प्रधानमंत्री कार्यकाल छोटा रहा, लेकिन उससे कहीं ज्यादा लंबा उनका राजनीतिक सफर रहा है। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर पूर्व पीएम चंद्रशेखर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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राजनीतिक सफर

साल 1962 में वह पहली बार बलिया से लोकसभा के लिए चुने गए थे। तब से चंद्रशेखर की भारतीय राजनीति में उपस्थिति लगातार मजबूत होती चली गई। साल 1960 और 1970 के दशक में वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। इस दौरान वह 'युवा तुर्क' के रूप में उभरे। उन्होंने गरीबों और वंचितों के लिए जोरदार आवाज उठाई। समाजवादी नीतियों और बैंकों के राष्ट्रीयकरण जैसे कदमों के समर्थन ने चंद्रशेखऱ को जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।

साल 1975 में आपातकाल के समय उन्होंने इंदिरा गांधी की नीतियों का विरोध किया और जेल भी गए। लेकिन इस कठिन समय में भी उनके सिद्धांतों के प्रति निष्ठा अडिग रही। साल 1977 में चंद्रशेखर ने जनता पार्टी के गठन में अहम भूमिका निभाई। साल 1995 में चंद्रशेखर को उत्कृष्ट सांसद का पुरस्कार दिया गया।

देश के 8वें पीएम

तभी तमाम सियासी उथल-पुथल के बीच 10 नवंबर 1990 को चंद्रशेखर ने देश के 8वें पीएम के तौर पर शपथ ली। हालांकि उनका कार्यकाल सिर्फ 7 महीने का रहा। पीएम के तौर पर चंद्रशेखर का कार्यकाल राजनीति के सबसे अस्थिर दौरों में से एक था। इस समय देश सामाजिक अशांति, आर्थिक संकट और राजनीतिक अनिश्चितता से जूझ रहा था। चंद्रशेखर की सरकार को कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर निर्भर रहना पड़ा। उन्होंने अपने संक्षिप्त कार्यकाल में कई निर्णायक कदम भी उठाए।

राजीव गांधी की जासूसी कराने का आरोप

साल 1990-91 में चंद्रशेखर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जासूसी कराने का आरोप लगा था। इन आरोपों की वजह से कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया। जिस कारण उनकी सरकार अल्पमत में आ गई। वहीं 06 मार्च 1991 को उन्हें पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। 

मृत्यु

वहीं 08 जुलाई 2007 को चंद्रशेखर का निधन हो गया था।

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