By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 12, 2022
जोधपुर (राजस्थान)। पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय वीज़ा दिलाने के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि इनमें से दो आरोपी रिश्तेदार हैं, जबकि दो अन्य में से एक छात्र और एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) का कर्मचारी है। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के एक निरीक्षक के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया था। निरीक्षक ने पिछले महीने केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इन आरोपियों के खिलाफ की गई एक शिकायत की जांच की थी।
अधिकारी ने बताया कि सोहेल और चिरंजीव यहां उच्च न्यायालय परिसर में ‘टाइपिस्ट’ के तौर पर काम करते थे और अभी तक 11 पाकिस्तानी नागरिकों के लिए जाली दस्तावेज तैयार कर चुके थे। सोहले और चिरंजीव रिश्तेदार हैं। पाकिस्तानी नागरिकों को वीज़ा दिलवाने के लिए एजेंट के रूप में काम करते थे। प्रक्रिया के अनुसार, एक पाकिस्तानी नागरिक को भारत का वीज़ा हासिल करने के लिए पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग में अपने दस्तावेज जमा करने होते हैं।
इसके लिए भारत से एक प्रायोजक (स्पॉन्सर) या गारंटर की आवश्यकता होती है। इस प्रायोजक प्रमाण पत्र को एक राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाना होतो है। इसके बाद इस प्रमाणपत्र को वीज़ा दस्तावेज़ों के साथ संलग्न किया जाता है।