SC Hearing on CJP: महाराष्ट्र और बिहार समेत 4 राज्यों ने मिलाया हाथ, प्रदर्शनकारियों की FIR पर बड़ी राहत

By अभिनय आकाश | Sep 01, 2026

महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने जुलाई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द करने की मंज़ूरी मांगी। इन राज्यों ने आंदोलन से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही को खत्म करने के केंद्र के कदम का समर्थन किया है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के सामने अर्जियां पेश कीं। उन्होंने कहा कि चार राज्यों की ओर से अलग-अलग अर्जियां दाखिल की गई हैं, जिनमें विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द करने की मांग की गई है।

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यह घटनाक्रम केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 13 FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका दायर करने के एक दिन बाद हुआ है। ये FIR 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के अन्य हिस्सों में CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज की गई थीं। केंद्र ने दिल्ली पुलिस के ज़रिए 2,873 लोगों के खिलाफ एक नई FIR दर्ज करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिनके बारे में शुरुआती तौर पर पता चला है कि उनका "गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड" रहा है; और उनकी अलग-अलग भूमिकाओं की जांच की जाएगी।

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