सिंघू सीमा पर किसानों के जूते पॉलिश कर रहे हैं शीशगंज गुरुद्वारे के सेवादार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 11, 2021

नयी दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित शीशगंज गुरुद्वारे के स्वयंसेवकों का एक समूह सामुदायिक सेवा की भावना से सिंघू बार्डर पर केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के जूते पॉलिश कर रहा है। इन सेवादारों में एक महिला भी शामिल है। ये सेवादार जमीन पर बैठते हैं और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे अपने जूते उन्हें दे दें और सिंधू सीमा के हरियाणा की ओर बने उनके अस्थायी काउंटर के सामने इंतजार करें। पिछले कुछ दिनों के दौरान इन इन स्वयंसेवकों ने अपने सेवा भाव से लोगों की प्रशंसा अर्जित की है। एक व्यापारी एवं पुरानी दिल्ली के निवासी 63 वर्षीय जसविंदर सिंह एक कोने में बैठे हुए थे और उनके हाथों में काले रंग की पॉलिश लगी थी जबकि उनके पास रखे एक पोर्टेबल स्पीकर से गुरबानी की आवाज आ रही थी।

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जसविंदर ने कहा कि यह सेवा केवल किसानों के लिए ही नहीं बल्कि अन्य के लिए मुफ्त है। उन्होंने कहा, ‘‘काफी लोग हर दिन विरोध प्रदर्शन स्थल पर आते हैं, जो विभिन्न व्यवसायों से संबंधित होते हैं। कभी गरीब भी हमारे काउंटर पर आते हैं और पूछते हैं कितना भुगतान करना है।’’ व्यापारी ने कहा, ‘‘कृपया अपना जोड़ा (जूतों की जोड़ी) और कुछ ‘दुआ’ दें, हम यही कहते हैं।’’ दिल्ली के पुराने गुरुद्वारे के सेवादारों में एक महिला भी है, जिसने लोगों से जूते लिए और उन्हें पॉलिश किया। अमरजीत सिंह ने कहा, ‘‘वह किरण जी हैं, जो शीशगंज गुरुद्वारे में सेवाएं देती हैं। वह सुभाष नगर में रहती हैं। हमारे सिख गुरुओं ने हमें बिना किसी भेदभाव के और बिना किसी उम्मीद के सेवा करना सिखाया है।’’ 58 वर्षीय सेवादार का कहना है कि पहाड़गंज इलाके में उनका स्कूल बैग का व्यवसाय है, लेकिन ‘सेवा’’ से सबसे ज्यादा ‘‘सुकून’’ मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘पैसा वह खुशी और आशीर्वाद नहीं दे सकता जो हमें इस सेवा मिलता है।

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