By अनन्या मिश्रा | Apr 01, 2026
आज ही के दिन यानी की 01 अप्रैल को केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। के.बी हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की नींव रखी थी। वह संघ के पहले सरसंघचालक बने। उन्होंने शुरूआत से ही संघ को सक्रिय राजनीति से दूर सिर्फ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों तक सीमित रखा। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
हेडगेवार कांग्रेस से जुड़ गए और साल 1921 के असहयोग आंदोलन में उग्र भाषण देने के आरोप में हेडगेवार को एक साल की सजा सुनाई गई। जेल से छूटने के बाद देश भर में भड़के भीषण सांप्रदायिक दंगों ने उनको झझकोर कर रख दिया। उनको समझ आ गया कि तत्कालिक राजनीतिक उत्तेजना नहीं बल्कि दीर्घकालिक 'चरित्र निर्माण' की जरूरत महसूस हुई।
इस वैचारिक मंथन से ही 27 सितंबर 1925 को नागपुर के एक मैदान में कुछ बच्चों के साथ आरएसएस यानी की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई। उन्होंने शाखा को सिर्फ शारीरिक व्यायाम का अखाड़ा नहीं बल्कि सामाजिक समानता की माइक्रोलैब भी बनाई। उन्होंने संघ की रोजमर्रा की दलगत राजनीति से दूऱ रखी। लेकिन कभी स्वतंत्रता संग्राम से कभी पीठ नहीं दिखाई। साल 1930 महात्मा गांधी ने सविनय आंदोलन शुरू किया। तब हेडगेवार ने सरसंघचालक का पद छोड़ दिया और हजारों स्वयंसेवकों के साथ 'जंगल सत्याग्रह' किया। इस दौरान उन्होंने 9 महीने की जेल की सजा काटी।
वहीं 21 जून 1940 को 51 साल की उम्र में केशव बलिराम हेडगेवार का निधन हो गया था।