By अनन्या मिश्रा | Jul 22, 2026
महाराष्ट्र के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में तीसरी बार राज्य की कमान संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस 22 जुलाई को अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर की गलियों में एक साधारण बूथ कार्यकर्ता के रूप में अपने सियासी सफर की शुरूआत की थी। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर देवेंद्र फडणवीस के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
देवेंद्र फडणवीस का सियासी सफर काफी छोटी उम्र से शुरू हो गया था। साल 1992 में उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली। फिर वह कॉर्पोरेटर चुने गए। इसी साल से 2001 तक वह नगरसेवक रहे। वहीं 27 साल की उम्र में फडणवीस नागपुर मेयर बने। वह नागपुर के इतिहास में सबसे कम उम्र के मेयर थे।
मेयर के रूप में सफलता पाने के बाद फडणवीस ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 1999 में फडणवीस पहली बार विधानसभा पहुंचे। तब से लेकर साल 2024 तक वह लगातार 25 सालों से विधायक रहे हैं। फडणवीस की प्रखर वक्ता शैली और कार्यों की गहरी समझ ने उनको सियासत की ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। साल 2013 में वह महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और फिर साल 2014 में पार्टी को बड़ी जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
साल 2014 में फडणवीस ने पहली बार महाराष्ट्र के सीएम के रूप में शपथ ली। वह शरद पवार के बाद राज्य के दूसरे सबसे युवा सीएम बने। फडणवीस के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने एक ही कार्यकाल (साल 2019 से 2024) के अंदर सीएम, डिप्टी सीएम और विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिकाएं निभाई हैं।
फडणवीस सिर्फ एक कुशल राजनेता नहीं बल्कि विचारक और लेखक भी हैं। 'बजट को आसानी से कैसे समझें' जैसी किताबें लिखी हैं। उनको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिले हैं। जिनमें जापान द्वारा मानद डॉक्टरेट, ओसाका सिटी यूनिवर्सिटी, जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और यूएसए द्वारा उत्कृष्ट नेतृत्व पुरस्कार शामिल हैं।
फडणवीस तीसरी बार राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं। एक वार्ड के बूथ कार्यकर्ता से लेकर राज्य के सीएम तक का उनका यह सफर यह साबित करता है कि समपर्ण, चातुर्य और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता के किसी भी शिखर तक पहुंचा जा सकता है।