By अनन्या मिश्रा | Sep 04, 2026
वृंदावन घूमने की योजना बनाते समय अधिकतर लोग बांके बिहारी और प्रेम मंदिर को अपनी लिस्ट में शामिल करते हैं। इन दोनों जगहों के बिना वृंदावन की यात्रा अधूरी मानी जाती है। वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के लिए फेमस है, तो वहीं प्रेम मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए फेमस है। लेकिन अगर आप भी वृंदावन की रूह, रास और रंग को महसूस करना चाहती हैं, तो बांके बिहारी मंदिर के अलावा इन मंदिरों को भी एक्सप्लोर करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बांके बिहारी मंदिर के अलावा भगवान कृष्ण के अन्य मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।
यह मंदिर वृंदावन के सात प्रमुख मंदिरों में से एक है। राधा-रमण मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा राधा-रमण के रूप में की जाती है। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में भारी भीड़ होती है।
वृंदावन का निधिवन एक पवित्र स्थल और मंदिर है। यह स्थल भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की रास लीला के लिए फेमस है। यहां तुलसी के जोड़े में पेड़ हैं। जिनमें से एक को श्रीकृष्ण और दूसरे को गोपी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक श्रीकृष्ण रात में गोपियों संग रास लीला करते हैं। इसलिए इस जगह पर रात में जाने की मनाही है।
केशी घाट वृंदावन के पास यमुना नदी के तट पर एक फेमस घाट है। इस घाट की अपनी सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए फेमस है। यहां पर हर दिन शाम को यमुना जी की आरती होती है और नाव की सवारी का आंनद ले लिया जा सकता है।
वृंदावन में स्थित रंगजी मंदिर को रंगनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर श्रीविष्णु के अवतार भगवान रंगनाथ को समर्पित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यह मद्रास के रंगनाथ मंदिर की शैली के हिसाब से बनाया गया है।