रिफ्यूजी कैंप से World Cup तक, Nestory Irankunda की कहानी, Australia के लिए रचा इतिहास

By Ankit Jaiswal | Jun 14, 2026

कभी तंजानिया के एक शरणार्थी शिविर में जन्म लेने वाला एक बच्चा आज फुटबॉल विश्व कप में अपने देश के लिए इतिहास रच रहा है। यह कहानी ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ी नेस्टोरी इरानकुंडा की है, जिन्होंने विश्व कप 2026 में तुर्किये के खिलाफ शानदार गोल करके पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

गौरतलब है कि नेस्टोरी इरानकुंडा की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी छिपी हुई है। उनका जन्म वर्ष 2006 में तंजानिया के एक शरणार्थी शिविर में हुआ था। हालांकि उनकी जड़ें बुरुंडी से जुड़ी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार उनके माता-पिता को बुरुंडी में गृहयुद्ध के कारण अपना देश छोड़ना पड़ा था और शरण लेने के लिए तंजानिया जाना पड़ा था। इसी दौरान नेस्टोरी का जन्म हुआ।

बचपन में ही उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया चला गया, जहां उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने फुटबॉल खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित किया। एडिलेड यूनाइटेड के लिए खेलते हुए उन्होंने घरेलू फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी गति, तकनीक और आक्रामक खेल ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।

बता दें कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए जर्मनी के दिग्गज क्लब बायर्न म्यूनिख ने वर्ष 2024 में उन्हें अपने साथ जोड़ लिया था। उस समय इसे उनके करियर का सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा था। हालांकि जर्मनी में चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं रहीं। उन्होंने क्लब की दूसरी टीम के लिए कई मुकाबले खेले, लेकिन वरिष्ठ टीम में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।

लगातार अवसर नहीं मिलने के कारण नेस्टोरी को अपने भविष्य को लेकर चिंता होने लगी। खासकर विश्व कप 2026 को ध्यान में रखते हुए उन्हें नियमित खेल समय की जरूरत थी। ऐसे में उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया और वर्ष 2025 में इंग्लैंड के क्लब वॉटफोर्ड से जुड़ गए। यह निर्णय उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

वॉटफोर्ड में उन्हें लगातार खेलने का मौका मिला और वह टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हो गए। मौजूद जानकारी के अनुसार क्लब से जुड़ने के बाद वह 40 मुकाबलों में मैदान पर उतर चुके हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि उनका सबसे बड़ा सपना विश्व कप में खेलना है और इसके लिए नियमित रूप से मैदान पर उतरना जरूरी था।

नेस्टोरी के ऑस्ट्रेलियाई साथी मोहम्मद टौरे भी उनकी प्रतिभा के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि उन्होंने कई अच्छे खिलाड़ी देखे हैं, लेकिन नेस्टोरी जैसी विशेष प्रतिभा बहुत कम देखने को मिलती है। टौरे का मानना था कि यदि वह मेहनत जारी रखें और जमीन से जुड़े रहें तो उनकी उपलब्धियां मौजूदा उम्मीदों से भी कहीं आगे जा सकती है।

तुर्किये के खिलाफ किए गए शानदार गोल के बाद मोहम्मद टौरे की यह बात सही साबित होती दिखाई दे रही है। एक शरणार्थी शिविर से शुरू हुआ सफर अब विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच तक पहुंच चुका है और नेस्टोरी इरानकुंडा आने वाले वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।

प्रमुख खबरें

India-Pakistan मैच से पहले Handshake विवाद पर बोलीं Harmanpreet Kaur, फोकस सिर्फ क्रिकेट पर

अमेरिकी AI बैन का भारत में असर, देसी Sarvam AI पर HCL Tech लगा सकती है बड़ा दांव।

Auto Sector में बड़ा ऐलान! अब 100% Ethanol पर चलेंगी गाड़ियां, Nitin Gadkari ने फाइल पर किए Sign

Vinicius Jr. के शानदार गोल ने बचाई Brazil की लाज, Morocco के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ हुआ मुकाबला