त्योहारों से पहले FSSAI का देशव्यापी एक्शन, 82 करोड़ रुपये का मिलावटी सामान जब्त

By Ankit Jaiswal | Nov 08, 2026

त्योहारों के दौरान बाजारों में दूध, मिठाई, पनीर और घी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी को देखते हुए एफएसएसएआई ने देशभर में जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान नियमों के खिलाफ पाए गए 3,280 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 82 करोड़ रुपये बताई गई है।

एफएसएसएआई के मुताबिक, यह अभियान 1 सितंबर से शुरू किया गया था और 5 नवंबर तक जारी रहा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में कुल 56,431 खाद्य कारोबार से जुड़ी जगहों की जांच की गई। जांच में पनीर, घी, दूध और मिठाइयों समेत कई ऐसे खाद्य पदार्थ मिले, जो तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। प्राधिकरण ने इन्हें जब्त कर लिया।

प्राधिकरण की ओर से शनिवार को सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, कुल 3,279.57 टन प्रतिबंधित और नियमों का पालन नहीं करने वाले खाद्य उत्पाद जब्त किए गए हैं। इनकी कुल कीमत 81.80 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

जांच अभियान के दौरान 52 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस रद्द किए गए, जबकि 1,133 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। इसके साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वाले 314 प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। प्राधिकरण ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को सुधार के लिए 10,047 नोटिस भी जारी किए हैं।

बता दें कि त्योहारों के समय मिठाइयों और दूसरी खाने-पीने की चीजों की बिक्री बढ़ने के कारण मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। दूध और उससे बने उत्पादों में मिलावट, नकली घी और खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयां लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और नियमों का पालन कराना जरूरी हो जाता है।

एफएसएसएआई ने कहा है कि त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की निगरानी बढ़ाई गई है। इस साल प्राधिकरण ने खाद्य कारोबारियों के साथ-साथ ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज की है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थ सुरक्षित हों और तय मानकों के अनुसार तैयार किए गए हों।

गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कारोबारियों को खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित रखरखाव का ध्यान रखना होता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने, कारोबार बंद कराने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखना और लोगों को मिलावटी सामान से बचाना है।

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