By Ankit Jaiswal | Aug 14, 2026
गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले पहले टेस्ट से दो दिन पहले सबसे ज्यादा चर्चा पिच को लेकर हो रही है। आमतौर पर गॉल की पिच को स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। पिच पर जमकर पानी डाला गया है और फिलहाल यह सूखी या पहले ही दिन से गेंद को तेजी से घुमाने वाली सतह नहीं दिख रही है।
मोर्केल के मुताबिक, अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। वहीं पहले गेंदबाजी करने की स्थिति में गेंदबाजों को लगातार सही क्षेत्र में गेंद डालकर दबाव बनाना होगा। उनका मानना है कि गॉल में परंपरागत तौर पर पहले दो दिन बल्लेबाजों के लिए बेहतर होते हैं, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम के लिए फैसला काफी अहम रहेगा।
यही स्थिति भारतीय टीम के सामने अंतिम ग्यारह को लेकर भी बड़ी पहेली खड़ी कर रही है। तीन स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरना फिलहाल ज्यादा मजबूत विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इससे टीम को बल्लेबाजी में भी गहराई मिलती है। हेड कोच गौतम गंभीर आमतौर पर गेंदबाजी संयोजन के लिए बल्लेबाजी की मजबूती से समझौता करना पसंद नहीं करते हैं।
मौजूदा समीकरण में रवींद्र जडेजा प्रमुख हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर लगभग तय माने जा रहे हैं, जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी की अगुआई कर सकते हैं। कुलदीप यादव का खेलना भी लगभग तय माना जा रहा है। दूसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ के बीच मुकाबला है, जिसमें प्रसिद्ध कृष्णा फिलहाल थोड़ा आगे दिखाई दे रहे हैं।
मोर्ने मोर्केल ने कहा कि कुलदीप यादव आक्रामक गेंदबाज हैं, जबकि रवींद्र जडेजा अपने अनुभव और सटीक गेंदबाजी के कारण बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक तीनों की गेंदबाजी शैली अलग है और जरूरत के हिसाब से कप्तान शुभमन गिल उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
गौरतलब है कि गॉल में पिछला टेस्ट जून 2025 में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया था। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने 450 से ज्यादा रन के स्कोर बनाए थे। चार शतक और चार अर्धशतक भी लगे थे। श्रीलंका के प्रमुख स्पिनर प्रभात जयसूर्या पहली पारी में 48 ओवर गेंदबाजी करने के बावजूद एक भी विकेट नहीं ले सके थे और दूसरी पारी में भी उन्हें केवल एक विकेट मिला था।
भारत ए की पिछले महीने इसी मैदान पर हुई दो मुकाबलों की श्रृंखला से भी बल्लेबाजों के लिए अच्छी परिस्थितियों के संकेत मिले थे। तेज गेंदबाजों को भी यहां गेंदबाजी में मदद मिली थी। गुरनूर बराड़ ने दूसरे मुकाबले में 10 विकेट लेकर खासा प्रभावित किया था। उन्होंने अगस्त के पहले सप्ताह में टीम से जुड़ने के बाद अभ्यास में लगातार तेज गेंदबाजी की है और टेस्ट पदार्पण के करीब पहुंच गए हैं।
हालांकि, फिलहाल उनका इंतजार थोड़ा और बढ़ सकता है। गॉल में मुकाबला शुरू होने से पहले सभी की नजर टॉस पर रहेगी। इस मैदान पर हाल के वर्षों में पहली और चौथी पारी के स्कोर में बड़ा अंतर देखने को मिला है। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करके बड़ा स्कोर बनाना भारत और श्रीलंका दोनों के लिए सफलता का सबसे अहम मंत्र हो सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, स्पिनरों के लिए पिच पर गेंद पकड़ने और ज्यादा घूमने की संभावना बढ़ सकती है।