प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर! बाढ़ की चपेट में संगम नगरी, घरों में घुसा पानी, CM योगी का सख्त निर्देश

By रेनू तिवारी | Aug 29, 2025

पहाड़ों और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण एक बार फिर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ के कारण किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए और उनकी हर ज़रूरत पूरी की जाए।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराजमें गंगा और यमुना का जलस्तर बृहस्पतिवार को बढ़कर खतरे के निशान 84.73 मीटर के करीब पहुंच गया, जिससे नदियों के किनारे बसे लोगों में चिंता फिर से बढ़ गई है। अगस्त माह में दूसरी बार बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम क्षेत्र में बने बांध के किनारे जहां वाहन रफ्तार भरते थे, वहां फिर से नावें चलने लगी हैं और लोग बांध के किनारे ही डुबकी लगा रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक, बृहस्पतिवार को शाम चार बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.44 मीटर, जबकि छतनाग में यह 83.56 मीटर पर पहुंच गया। वहीं यमुना का जलस्तर नैनी में 84.15 मीटर रहा। एसडीएम (सदर) अभिषेक सिंह ने बताया कि सदर में 12 वार्ड/ मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित हैं जिनमें कछार मऊ, मऊ सरैया, राजापुर, बघाड़ा, नेवादा, बेली कछार, बेली उपरहार, मेहदौरी, सलोरी, शिवकुटी, म्योराबाद और दारागंज शामिल हैं।

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उन्होंने बताया कि सदर क्षेत्र में पांच बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील हैं जिनमें सदर बाजार स्थित कैंट मैरेज हॉल, एनी बेसेंट स्कूल, ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महबूब अली इंटर कॉलेज और रीगल गेस्ट हाउस शामिल हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 56 नावें संचालित की जा रही हैं, जबकि तीन मोटर बोट सेवा में लगाई गई हैं।

एनी बेसेंट स्कूल में बने बाढ़ राहत शिविर में अपनी दो बेटियों- आठ वर्षीय प्रियांशी और 10 वर्षीय शिवांशी के साथ ठहरी रिशु देवी ने कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी कि बाढ़ दोबारा आएगी। हमने निश्चिंत होकर अपने सामान घर में व्यवस्थित किए थे, लेकिन अब फिर से उन्हें छतों पर रखकर यहां रहना पड़ रहा है।”

वहीं इसी शिविर में मौजूद रूपा देवी ने कहा, “कछार में मकान का किराया काफी कम होने के कारण हम वहां रहते हैं। मुख्य शहर में अधिक किराया दे नहीं सकते, इसलिए थोड़ी परेशानी तो उठानी ही पड़ेगी। हालांकि इससे पूर्व बाढ़ का पानी निकलने पर हम वापस चले जाते थे, लेकिन इस बार हमें दोबारा यहां आकर रहना पड़ रहा है।” बाढ़ राहत शिविर में ठहरे लोगों ने प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें यहां नाश्ता, दो टाइम का खाना और दवाई आदि समय पर दिया जा रहा है।

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