By Prabhasakshi News Desk | Aug 07, 2024
नयी दिल्ली । अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 210 अरब डॉलर के अपने विविध कारोबार समूह से सेवानिवृत्त होने और उसकी कमान अपने बेटों एवं भतीजों को सौंपने को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की है। समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमि़टेड ने शेयर बाजारों को इससे अवगत कराया है। कंपनी ने कहा कि एक मीडिया रिपोर्ट में अदाणी को उत्तराधिकारियों और पारिवारिक ट्रस्ट में समान लाभकारी हितों को लेकर गलत ढंग से उद्धृत किया गया है।
उन्होंने समूह के विभिन्न व्यवसायों में अपने दो बेटों और दो भतीजों की भागीदारी का उल्लेख किया था। ब्लूमबर्ग न्यूज ने पांच अगस्त की रिपोर्ट में कहा था कि 62 वर्षीय अदाणी 70 वर्ष की आयु में पद छोड़ने की योजना बना रहे हैं। इस रिपोर्ट में अदाणी के हवाले से कहा गया था, उत्तराधिकार कारोबार की स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने यह विकल्प दूसरी पीढ़ी पर छोड़ दिया क्योंकि बदलाव मूलभूत, क्रमिक और बेहद व्यवस्थित होना चाहिए। इस रिपोर्ट में अदाणी के बेटों- करण (37) एवं जीत (26) के अलावा भतीजों प्रणव (45) एवं सागर (30) को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में बताया गया। इस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम अदाणी के सेवानिवृत्त होने पर चारों उत्तराधिकारी पारिवारिक ट्रस्ट के समान लाभार्थी बन जाएंगे।
पारिवारिक ट्रस्ट आठ विदेशी कंपनियों और एक घरेलू स्तर पर गठित फर्म के साथ अदाणी एंटरप्राइजेज को नियंत्रित करता है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को अदाणी की सेवानिवृत्ति या उत्तराधिकार योजना के लिए कोई तारीख नहीं बताई। इसके साथ ही उसने कहा कि अदाणी को पारिवारिक ट्रस्ट में उत्तराधिकारियों और समान लाभकारी हितों के बारे में गलत तरीके से उद्धृत किया गया है। अदाणी ने वर्ष 1988 में एक जिंस कारोबारी के तौर पर अपना सफर शुरू किया था और कुछ दशकों में ही अदाणी समूह का बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली संचरण, गैस वितरण, रियल एस्टेट, एफएमसीजी, सीमेंट, डेटा सेंटर और मीडिया व्यवसाय तक प्रसार हो गया।