Rajasthan Politrics: गहलोत समर्थक प्रताप सिंह खाचरियावास बोले, पर्यवेक्षकों को इतनी जल्दी परेशान नहीं होना चाहिए

By अंकित सिंह | Sep 27, 2022

राजस्थान में कांग्रेस के भीतर मचे सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक विधायक और मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आज बड़ा बयान दिया है। खाचरियावास ने कहा कि पर्यवेक्षकों को इतनी जल्दी परेशान नहीं होना चाहिए था। उन्हें थोड़ा देर इंतजार करना चाहिए था। दरअसल, कांग्रेस की ओर से राजस्थान में एक विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। दिल्ली से इस बैठक में शामिल होने के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे पहुंचे थे। अशोक गहलोत के समर्थक विधायक इस बैठक में पहुंचने की बजाए शांति धारीवाल के यहां हो रही एक बैठक में पहुंच गए थे। शांति धारीवाल के यहां हुई बैठक को पर्यवेक्षक अनुशासनहीनता मान रहे हैं। पर्यवेक्षकों का दावा है कि यह सब अशोक गहलोत के ही इशारे पर हुआ है। 

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पीएस खाचरियावास ने यह भी कहा कि माहौल बनाया गया कि सीएम 19 विधायकों के हिसाब से बने, 102 विधायकों के हिसाब से नहीं। अशोक गहलोत के नामांकन पर उन्होंने कहा कि इस पर फैसला करना सोनिया गांधी पर है। वहीं, मंत्री महेश जोशी ने कहा कि दो दिन पहले विधायक दल की बैठक हुई थी अचानक पिर से बैठक आ गई जिस पर लोगों के मन में सवाल आया कि फिर से बैठक क्यों बुलाई गई है... 7 बजे बैठक थी और हमने लोगों को धारीवाल जी के घर पर 5 बजे विचार-विमर्श के लिए बुलाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमारी मांग है कि जिन्होंने कांग्रेस को कमज़ोर करने की और सरकार गिराने की कोशिश की उनमें से किसी को भी सीएम के पद लिए न चुना जाए।  

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