MP में होगी जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच, प्रदेश के 5 जिलों को मिलेगी मशीन

By सुयश भट्ट | Dec 09, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना होगा। अब जल्द ही प्रदेश में इसकी जांच शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा 5 जीनोम सीक्वेंसिंग की मशीनें प्रदेश को उपलब्ध करवाई जाएगी। यह मशीनें प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेज भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर में लगाई जाएगी। 

दरअसल चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दिल्ली में की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। उन्हें बताया कि कोरोना के नए-नए वैरिएंट्स सामने आ रहे है, इसलिए यह जरूरी है कि प्रदेश में ही जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू की जाए। जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मंत्री सारंग के निवेदन पर प्रदेश को 5 जीनोम सिक्वेंसिंग की मशीनें स्वीकार करदी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिली स्वीकृति के बाद अब प्रदेश में ही कोरोना सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग की जा सकेगी और इसकी रिपोर्ट के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।मंत्री सारंग ने बताया कि जिस प्रकार से इंदौर और जबलपुर में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की सौगात केंद्र सरकार द्वारा दी गई है उसी प्रकार भोपाल में भी इस अस्पताल की जरूरत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भोपाल में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोलने की स्वीकृति दे दी है।

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जीनोम सिक्वेंसिंग में डीएनए (DNA) या आरएनए (RNA) के अंदर मौजूद न्यूक्लियोटाइड (Nucleotide) के लयबद्ध क्रम का पता लगाया जाता है। इसके तहत मौजूद चार तत्वों यानी एडानिन (A), साइटोसिन (C), गुआनिन (G) और थायमिन (T) की सीरीज का पता लगाया जाता है। ताकि इनमें आने वाले बदलाव से यह पता चल सके कि कौन सी बीमारी का वायरस या बैक्टीरिया कितना नुकसानदेह हो सकता है।

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