By अभिनय आकाश | Jul 08, 2026
जर्मनी की कंपनी 'डील डिफेंस' (Diehl Defence) लंबी दूरी तक मार करने वाला एक नया हवाई सुरक्षा तंत्र 'IRIS-T SLX' बना रही है। इसका मकसद अमेरिका में बने 'पैट्रियट' (Patriot) सिस्टम पर यूरोप की निर्भरता को कम करना है। कंपनी के सीईओ हेल्मुट रौश ने मंगलवार को बताया कि यह नया सिस्टम उनके पुराने सिस्टम (IRIS-T SLM) का ही एक एडवांस और ज़्यादा दूरी तक मार करने वाला रूप है। उन्होंने कहा कि इसके आने से यूरोप को अमेरिकी पैट्रियट मिसाइलों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। दरअसल, यूक्रेन युद्ध के दौरान पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी हो गई है, जिससे यूक्रेन की हवाई सुरक्षा में एक बड़ी कमजोरी सामने आई है। सीईओ ने यह तो नहीं बताया कि यूक्रेन को कितनी मिसाइलें या लॉन्चर दिए गए हैं, लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि उनकी कंपनी ने यूक्रेन को 20 'IRIS-T SLM' सिस्टम बेचे हैं। राउच के अनुसार, कुल मिलाकर 21 देशों ने IRIS-T सिस्टम का ऑर्डर दिया है, जिनमें सबसे हालिया खरीदार स्विट्जरलैंड, स्वीडन और डेनमार्क हैं।
IRIS-T SLM सिस्टम में एक रडार यूनिट, एक कॉमन टैक्टिकल ऑपरेशन्स सेंटर (CTOC) और कई मिसाइल लॉन्चर होते हैं। आम तौर पर, हर लॉन्चर पर एक साथ कई मिसाइलें लगी होती हैं। ये सिस्टम आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर और अहम ठिकानों को हवा से होने वाले खतरों से बचाने के लिए बनाए गए हैं। IRIS-T SLM सिस्टम में IRIS-T SLM गाइडेड मिसाइल का इस्तेमाल होता है, जो IRIS-T एयर-टू-एयर मिसाइल का ज़मीन से हवा में मार करने वाला वर्शन है। इस मिसाइल की अधिकतम रेंज 40 किलोमीटर बताई गई है, यानी यह लॉन्चर की जगह से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तक आने वाली मिसाइलों और ड्रोन जैसे प्रोजेक्टाइल को रोक सकती है। यह प्रोजेक्टाइल को 20 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर रोक सकती है। ये लॉन्चर गाड़ियों पर लगाए जाते हैं और सेनाएं इन्हें अपनी पसंद की गाड़ियों पर लगा सकती हैं। यह यूरोप के उन हथियारों में सबसे नया है, जिनका मकसद अमेरिकी उपकरणों पर निर्भरता कम करना है। जर्मनी कम से कम दो और ऐसे प्रोग्राम का भी हिस्सा है, जिनका मकसद यूरोप के लिए मिसाइलें बनाना और महाद्वीप से अमेरिका के हटने से पैदा हुई कमियों को पूरा करना है।